US सुप्रीम कोर्ट फैसला: ट्रम्प टैरिफ रद्द, भारत पर शुल्क 10%

US सुप्रीम कोर्ट फैसला: ट्रम्प टैरिफ रद्द, भारत पर शुल्क 10%
वॉशिंगटन | दैनिक राजीव टाइम्स।
US सुप्रीम कोर्ट फैसला में ट्रम्प के वैश्विक टैरिफ रद्द कर दिए गए। अदालत ने 6–3 बहुमत से यह निर्णय दिया। इसलिए अब व्यापक आयात कर लागू नहीं रहेंगे।
कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे कर लगाने का अधिकार केवल कांग्रेस को है। अतः IEEPA कानून के तहत लगाए गए टैरिफ अमान्य हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फैसले के बाद भारत पर शुल्क 18% से घटकर 10% हो गया है। इस कारण भारतीय निर्यातकों को राहत मिल सकती है।
अदालत ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि IEEPA सीमित अधिकार देता है। इसलिए इसके तहत व्यापक टैरिफ नहीं लगाए जा सकते।
इसके परिणामस्वरूप 10% से 50% तक लगाए गए शुल्क निरस्त हो गए। साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ कि कार्यपालिका की शक्तियां सीमित हैं।
अब आयात कर पर अंतिम निर्णय कांग्रेस ही लेगी।
ट्रम्प की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद ट्रम्प ने नाराजगी जताई। उन्होंने इसे “निराशाजनक” बताया। हालांकि, उन्होंने तुरंत नया कदम भी घोषित किया।
उन्होंने कहा कि 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ लागू करेंगे। इसके लिए वे कार्यकारी आदेश जारी करेंगे।
लेकिन इस कदम को कानूनी चुनौती मिल सकती है।
USTR की अगली रणनीति
इसी बीच USTR ने नए सेक्शन 301 जांच की तैयारी शुरू की है। इसमें फार्मा कीमतों समेत कई क्षेत्र शामिल हो सकते हैं।
प्रशासन का कहना है कि मौजूदा व्यापार समझौते जारी रहेंगे। फिर भी आगे की रणनीति अलग कानूनी रास्तों से तय होगी।
भारत पर क्या असर?
भारत पर शुल्क घटकर 10% होना सकारात्मक संकेत है। इससे दवा और टेक्सटाइल क्षेत्र को लाभ मिल सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि व्यापार वार्ता तेज हो सकती है। हालांकि, नया आदेश लागू होने पर स्थिति बदल भी सकती है।
निष्कर्ष
US सुप्रीम कोर्ट फैसला व्यापार नीति में बड़ा मोड़ है। इससे स्पष्ट हुआ कि आयात कर का अधिकार कांग्रेस के पास है।
अब सबकी नजर नए 10% टैरिफ पर है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि भारत पर इसका कितना असर पड़ेगा।




