US Iran Talks: पाकिस्तान में संभावित बातचीत पर पेंच, Iran ने कहा- सीधे बातचीत नहीं
25 अप्रैल 2026 | International News Update
United States और Iran के बीच संभावित बातचीत को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। US Iran Talks को लेकर Pakistan में चर्चा तेज है, लेकिन दोनों देशों के बयानों में बड़ा अंतर नजर आ रहा है।
क्या इस्लामाबाद में आमने-सामने होगी बातचीत?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं।
वहीं Donald Trump ने अपने दूत Steve Witkoff और Jared Kushner को पाकिस्तान भेजा है।
हालांकि, जहां अमेरिका सीधे वार्ता की बात कर रहा है, वहीं ईरान ने साफ कहा है कि:
- कोई सीधी बैठक तय नहीं
- पाकिस्तान के जरिए ही संदेश पहुंचाया जाएगा
यानी बातचीत अगर होती भी है, तो मध्यस्थ के जरिए होगी, आमने-सामने नहीं।
पहले दौर की बातचीत क्यों रही असफल?
इससे पहले 11–12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई वार्ता भी बेनतीजा रही थी।
मुख्य विवाद:
- Hormuz Strait कंट्रोल
- न्यूक्लियर प्रोग्राम
अमेरिका चाहता है:
- समुद्री रास्ता पूरी तरह खुला रहे
- ईरान परमाणु कार्यक्रम सीमित करे
ईरान का रुख:
- परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है
- नियंत्रण बनाए रखना जरूरी
इन्हीं मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई।
Iran के अंदर भी मतभेद के संकेत
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के अंदर भी बातचीत को लेकर दो अलग रुख सामने आए हैं:
- एक पक्ष: बातचीत में लचीलापन चाहता है
- दूसरा पक्ष: सख्त रुख बनाए रखना चाहता है
Saeed Jalili जैसे नेताओं का नाम सामने आ रहा है, जिन्हें सख्त रुख वाला माना जाता है।
Hormuz Strait क्यों है इतना अहम?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है।
- वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है
- किसी भी रुकावट का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है
अमेरिका इस रास्ते को खुला रखना चाहता है, जबकि ईरान इसे रणनीतिक दबाव के रूप में देखता है।
निष्कर्ष
US Iran Talks को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
- अमेरिका सीधी बातचीत चाहता है
- ईरान मध्यस्थ के जरिए ही संवाद पर जोर दे रहा है
ऐसे में पाकिस्तान की भूमिका इस बार भी मध्यस्थ के रूप में अहम रहने वाली है।

