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US Sanctions Iran: भारतीय दंपती पर प्रतिबंध, चंडीगढ़ नेटवर्क

Dainik R Times
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US Sanctions Iran के तहत अमेरिका ने भारत के एक दंपती पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने बुधवार को यह कार्रवाई की घोषणा की। सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद चंडीगढ़ में रहते हैं। उन पर ईरान के शैडो फ्लीट की मदद का आरोप है। मंत्रालय का कहना है कि यह दंपती फर्जी झंडे और नकली समुद्री प्रमाणपत्रों का नेटवर्क चलाता था। इन दस्तावेजों से ईरानी तेल ले जाने वाले जहाज अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों से बचते थे।

US Sanctions Iran: चंडीगढ़ से चलता था फर्जी रजिस्ट्री नेटवर्क

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह नेटवर्क कम से कम 2014 से सक्रिय था। शुरुआत में इसने कैरिबियाई देश डोमिनिका की समुद्री झंडा एजेंसी का रूप धारण करने की कोशिश की थी। इसके बाद इसने गयाना से लेकर इस्वातिनी और लाओस तक कई देशों के नाम पर फर्जी रजिस्ट्रियां बनाईं। इन रजिस्ट्रियों से ईरान के शैडो फ्लीट के जहाजों को झूठे झंडे मिलते थे। मंत्रालय ने कहा कि ये जहाज ईरानी सेना और उसके सहयोगी समूहों के लिए तेल ले जाते थे। शर्मा ने 2023 में सिंगापुर में इस्वातिनी मैरीटाइम अफेयर्स नाम की कंपनी भी बनाई थी। भारत में ओशिएनिक टेक्नोलॉजीज इंडिया और आर्यवर्त शिप मैनेजमेंट भी इस नेटवर्क से जुड़ी कंपनियों में शामिल हैं।

कुल 5 लोग और 10 कंपनियां निशाने पर

इस कार्रवाई में कुल पांच लोगों और दस कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। शर्मा दंपती के अलावा दो और भारतीय नागरिकों के नाम भी सूची में हैं। तुर्की की फुगो ग्राउंड सर्विसेज कंपनी पर भी प्रतिबंध लगा है। इस कंपनी पर ईरान की विमानन कंपनियों को सेवाएं देने का आरोप है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि ईरानी सरकार की मदद करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका जानता है कि ऐसे लोग कहां हैं। यह कार्रवाई Operation Economic Outcast के तहत हुई है। इस अभियान की शुरुआत 24 अगस्त 2026 को हुई थी। इसका मकसद ईरान की तेल तस्करी और पाबंदी से बचने के रास्तों को बंद करना है।

पहले भी सामने आ चुका है यह नेटवर्क

इसी साल 22 अप्रैल को अमेरिकी युद्ध विभाग ने MAJESTIC X नाम का जहाज जब्त किया था। इस जहाज पर गयाना का झूठा झंडा लगा था और इसमें ईरानी तेल भरा था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि झूठे झंडे वाले जहाजों के पास वैध बीमा भी नहीं होता है। इसलिए अगर कोई हादसा होता है तो अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है। US Midterm Results 2026 के बाद अमेरिका की विदेश नीति पर दुनिया की नजर टिकी है। पिछले महीने US Sanctions Mumbai Firms मामले में भी ईरान से जुड़े तेल व्यापार पर कार्रवाई हुई थी। नई कार्रवाई से साफ है कि अमेरिका इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना चाहता है।

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