NASA Swift Telescope ने 22 साल के मिशन के बाद धरती पर वापसी की है। बुधवार सुबह यह दूरबीन इंडोनेशिया के ऊपर वायुमंडल में जलकर खत्म हो गई। अमेरिकी अंतरिक्ष बल ने इस वापसी की पुष्टि की है। यह सुबह 7 बजकर 39 मिनट पूर्वी समय पर उत्तरी सुमात्रा के ऊपर से गुजरी। उस समय इसकी रफ्तार आवाज की रफ्तार से करीब 22 गुना थी। NASA का कहना है कि 1,452 किलो वजनी इस दूरबीन का ज्यादातर हिस्सा घर्षण की गर्मी से जल गया। जमीन पर किसी नुकसान या चोट की कोई खबर नहीं है।
NASA Swift Telescope का बचाव मिशन क्यों नाकाम रहा
NASA ने इस दूरबीन को बचाने के लिए जुलाई में एक खास मिशन शुरू किया था। एरिजोना की कंपनी Katalyst Space का LINK यान इससे जुड़कर इसे ऊंची कक्षा में ले जाना था। हालांकि LINK अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद बेकाबू होकर घूमने लगा। इसलिए मिशन प्रबंधकों को यह कोशिश छोड़नी पड़ी। सितंबर में यह यान भी गिरकर नष्ट हो गया। इसके बाद Swift की कक्षा लगातार नीचे गिरती रही। सूर्य की बढ़ी हुई गतिविधि ने इस गिरावट को और तेज कर दिया। 20 अक्टूबर को दूरबीन ने काम करना बंद कर दिया था। उसी दिन Penn State की टीम ने इसका अंतिम बंद करने का आदेश भेजा था।
22 साल में क्या-क्या खोजा
Swift को 20 नवंबर 2004 को दो साल के मिशन के लिए भेजा गया था। इसका काम गामा-किरण विस्फोटों का अध्ययन करना था। ये विस्फोट ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली घटनाओं में गिने जाते हैं। हालांकि यह दूरबीन अपनी तय उम्र से 11 गुना ज्यादा चली। इस दौरान इसने सुपरनोवा, ब्लैक होल, एक्स-रे ज्वालाएं, क्षुद्रग्रह और धूमकेतु भी देखे। इसके आंकड़ों से करीब 7,000 वैज्ञानिक शोध पत्र तैयार हुए। NASA ने कहा कि इस दूरबीन का कोई तैयार उत्तराधिकारी अभी नहीं है।
धरती के लिए कितना था खतरा
NASA ने पहले ही आकलन किया था कि मलबे से किसी को नुकसान की संभावना बहुत कम है। एजेंसी ने यह जोखिम 2,100 में से एक बताया था। विशेषज्ञों का कहना है कि इस आकार के उपग्रह नियमित रूप से धरती पर लौटते हैं। करीब 70 साल के अंतरिक्ष इतिहास में गिरते मलबे से किसी की जान नहीं गई है। Cyclone Murasu के बाद वायुमंडल और मौसम पर चर्चा तेज हुई थी। Artemis II Mission के तहत इंसान एक बार फिर चांद के करीब जाने की तैयारी में है। Swift का अंत अंतरिक्ष विज्ञान के एक बड़े अध्याय का समापन है।
