Kangana Ramdev Controversy में नया मोड़, Gen Z टिप्पणी पर फिर आमने-सामने
कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच बयानबाजी का मामला फिर चर्चा में है। कंगना ने Gen Z पर अपनी टिप्पणी को लेकर रामदेव की आलोचना का जवाब दिया है।
कंगना ने Instagram पर रामदेव को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें उनके निजी जीवन पर टिप्पणी करने या उन्हें चरित्र संबंधी सलाह देने की जरूरत नहीं है।
इसके अलावा, कंगना ने अपने जवाब में Supreme Court के पुराने Patanjali मामले का भी संदर्भ दिया। उन्होंने रामदेव के खिलाफ किसी व्यक्तिगत आरोप को साबित करने के बजाय पुराने न्यायिक घटनाक्रम की ओर इशारा किया।
Kangana Ramdev Controversy शुरू कैसे हुई?
सबसे पहले, विवाद कंगना की Gen Z को लेकर की गई टिप्पणी से शुरू हुआ। कंगना ने एक प्रदर्शन के संदर्भ में “Generation Gutter” जैसी भाषा का इस्तेमाल किया था।
इसके बाद, रामदेव ने कंगना की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने इसे युवाओं के प्रति गलत नजरिया बताया और कंगना की सोच पर भी सवाल उठाए।
वहीं, कंगना ने अपने जवाब में कहा कि उन्हें चरित्र संबंधी सलाह देने से पहले उनके बारे में अफवाहों के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। उनके जवाब में निजी जिंदगी को लेकर भी तीखी टिप्पणी थी।
कंगना ने Instagram पर क्या कहा?
इसके बाद, कंगना ने Instagram Stories के जरिए रामदेव पर निशाना साधा। उन्होंने उनसे अपनी निजी जिंदगी के बारे में अनुमान लगाने से बचने को कहा।
साथ ही, कंगना ने कहा कि उन्हें “character lessons” देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने अपने जवाब में यह भी लिखा कि उनके खिलाफ अफवाहों या गॉसिप के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।
कंगना ने इसी पोस्ट में Supreme Court का संदर्भ भी जोड़ा। उन्होंने Patanjali से जुड़े पुराने misleading advertisements मामले की ओर इशारा किया।
Supreme Court वाले मामले का संदर्भ क्या है?
हालांकि, यहां पुराने मामले और मौजूदा विवाद को अलग रखना जरूरी है। 2024 में Supreme Court ने Patanjali के misleading advertisements मामले में Ramdev और Acharya Balkrishna की भूमिका पर कड़ी टिप्पणी की थी।
अदालत ने उस समय उनकी माफी स्वीकार करने से इनकार किया था। बाद में मामले की सुनवाई के दौरान सार्वजनिक माफी से जुड़े कदम भी सामने आए।
Supreme Court के रिकॉर्ड में भी Patanjali की ओर से सार्वजनिक माफी प्रकाशित किए जाने का उल्लेख है। अदालत की कार्यवाही misleading advertisements और पहले दिए गए undertaking के उल्लंघन से जुड़ी थी।
इसलिए कंगना ने इसी पुराने घटनाक्रम को अपने जवाब में राजनीतिक और सार्वजनिक बहस के संदर्भ के रूप में इस्तेमाल किया।
Gen Z वाली टिप्पणी पर क्या था विवाद?
इसके अलावा, Gen Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पहले से चर्चा में थी। कंगना ने बाद में यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की थी कि उनकी टिप्पणी सभी युवाओं के लिए नहीं थी।
उन्होंने दावा किया था कि वह एक खास प्रदर्शन में मौजूद लोगों की बात कर रही थीं। इस बयान को लेकर भी सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
वहीं, रामदेव ने कंगना की भाषा की आलोचना करते हुए Gen Z को देश की महत्वपूर्ण पीढ़ी बताया। उन्होंने इस तरह की टिप्पणी से बचने की सलाह दी।
अब विवाद में आगे क्या होगा?
इस बीच, दोनों के बीच बयानबाजी ने सोशल मीडिया पर नया ध्यान खींचा है। फिलहाल यह मामला मुख्य रूप से सार्वजनिक टिप्पणियों और प्रतिक्रियाओं तक सीमित है।
कंगना का जवाब पुराने Patanjali मामले को फिर चर्चा में ले आया। वहीं, रामदेव की टिप्पणी ने Gen Z को लेकर पहले से चल रही बहस को और बढ़ाया।
Kangana Ramdev Controversy में फिलहाल दोनों पक्षों की बयानबाजी ही केंद्र में है। आगे यदि कोई नया बयान आता है, तो विवाद का रुख फिर बदल सकता है।

