Rahul Gandhi Indore: IDA ने 5 शर्तों के साथ दी कार्यक्रम की मंजूरी, 19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’
इंदौर में Rahul Gandhi Indore कार्यक्रम को लेकर अब रास्ता साफ हो गया है। कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए IDA ने मंगलवार को शर्तों के साथ मंजूरी दे दी। कार्यक्रम 19 सितंबर को रीजनल पार्क के सामने स्थित IDA मैदान में होगा।
कार्यक्रम स्थल पर करीब 5 एकड़ में तैयारियां चल रही हैं। यहां हाईटेक वॉटरप्रूफ डोम बनाया जा रहा है। कांग्रेस के अनुसार, डोम में करीब 1 लाख युवाओं के बैठने की क्षमता होगी।
बारिश के कारण मैदान में कीचड़ है। इसके बावजूद मिट्टी और गिट्टी डालकर जमीन को समतल करने का काम जारी है। डोम की संरचना खड़ी करने के लिए खंभे लगाने का काम भी चल रहा है।
Rahul Gandhi Indore कार्यक्रम को IDA की 5 शर्तों पर मंजूरी
वहीं, Rahul Gandhi Indore कार्यक्रम के लिए IDA ने जमीन उपयोग की अनुमति शर्तों के साथ दी है। IDA की ओर से आयोजन को लेकर पांच शर्तें रखी गई हैं।
मुख्य बात यह है कि IDA की ओर से आयोजन के लिए मैदान उपलब्ध कराया गया है। आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों को आयोजकों को तय शर्तों के अनुसार संभालना होगा।
बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रवेश, निकासी, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन महत्वपूर्ण रहेगा। इसके अलावा बारिश के बीच मैदान की स्थिति भी आयोजकों के लिए चुनौती बनी हुई है।
कार्यक्रम स्थल पर तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। डोम के साथ मंच और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी तैयार की जा रही हैं।
5 एकड़ में वॉटरप्रूफ डोम, 1 लाख छात्रों की क्षमता का दावा
इसके अलावा कार्यक्रम स्थल पर करीब ढाई लाख वर्गफीट क्षेत्र में डोम लगाने की तैयारी है। डोम का सामान बड़े ट्रकों के जरिए लाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए भोपाल से सामग्री मंगाई गई है।
बारिश के बीच मजदूर और तकनीकी टीमें काम कर रही हैं। मैदान में पहले मिट्टी डाली जा रही है। इसके बाद गिट्टी बिछाकर कीचड़ वाले हिस्सों को कवर किया जा रहा है।
कांग्रेस का दावा है कि डोम में करीब 1 लाख युवाओं के बैठने की व्यवस्था होगी। यह आंकड़ा आयोजकों का दावा है, स्वतंत्र क्षमता सत्यापन के रूप में नहीं।
उत्तर दिशा में होगा राहुल गांधी का मंच
वहीं, कार्यक्रम स्थल के लेआउट के अनुसार राहुल गांधी का मंच उत्तर दिशा में बनाया जा रहा है। छात्रों के लिए मुख्य प्रवेश रीजनल पार्क की ओर से रखा गया है।
राहुल गांधी के मंच तक पहुंचने के लिए अलग रास्ता बनाया जा रहा है। इस रास्ते पर वीआईपी मूवमेंट को सामान्य छात्र आवाजाही से अलग रखने की तैयारी है।
कांग्रेस के मुताबिक कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं की सामान्य एंट्री नहीं होगी। कार्यक्रम का मुख्य फोकस छात्रों के साथ संवाद पर रखा गया है।
राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले सुरक्षा और ट्रैफिक चुनौती
इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था सबसे अहम पहलू रहेगी। बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की संभावना के चलते पुलिस और प्रशासन के सामने भीड़ नियंत्रण की चुनौती होगी।
प्रवेश और निकासी के अलग रास्ते, पार्किंग व्यवस्था और वीआईपी मूवमेंट को लेकर विशेष इंतजाम जरूरी होंगे। कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने वाले मार्गों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ने की भी संभावना है।
कांग्रेस की ओर से डेढ़ लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन का दावा किया गया है। हालांकि, रजिस्ट्रेशन की संख्या को आयोजकों के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
दिल्ली की टीम संभाल रही तैयारियां
वहीं, कार्यक्रम की तैयारियों में दिल्ली से आई टीम की भी भूमिका बताई गई है। टीम डोम, मंच, मैदान के लेआउट और दूसरी व्यवस्थाओं को लेकर दिशा-निर्देश दे रही है।
आयोजन स्थल पर स्थानीय कार्यकर्ताओं के बजाय तैयारियों की तकनीकी और व्यवस्थागत निगरानी में दिल्ली की टीम की भूमिका प्रमुख बताई जा रही है।
नेहरू स्टेडियम से IDA मैदान तक ऐसे बदला वेन्यू
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को प्रस्तावित था। कांग्रेस ने इसके लिए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी।
हालांकि, स्टेडियम में अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम की तारीख 19 सितंबर कर दी गई। इसके बाद कांग्रेस ने वैकल्पिक स्थलों की तलाश शुरू की।
रीजनल पार्क के सामने स्थित IDA मैदान को अंतिम रूप दिया गया। कांग्रेस ने मैदान के लिए ₹10,08,175 जमा किए। इसके बाद आयोजन को लेकर IDA की अनुमति की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
कांग्रेस ने इस मैदान को ‘भारत जोड़ो मैदान’ नाम दिया है। अब IDA की शर्तों वाली मंजूरी के बाद आयोजन स्थल पर काम और तेज हो गया है।
अनंत चतुर्दशी पर झांकी की अनुमति का मामला
इसके अलावा इंदौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने अनंत चतुर्दशी पर ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर आधारित झांकी निकालने की अनुमति मांगी है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इस झांकी को लेकर प्रशासन की अनुमति अभी नहीं मिली है। इसलिए इसे मंजूर कार्यक्रम का हिस्सा नहीं माना जा सकता।
बारिश बनी सबसे बड़ी चुनौती
वहीं, कार्यक्रम स्थल पर लगातार बारिश से मैदान में कीचड़ की समस्या बनी हुई है। इसे देखते हुए जमीन को समतल और मजबूत करने का काम चल रहा है।
आयोजक डोम को वॉटरप्रूफ रखने के साथ पार्किंग और आने-जाने की व्यवस्था पर भी काम कर रहे हैं। 19 सितंबर का कार्यक्रम नजदीक आने के साथ तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
अब IDA की मंजूरी मिलने के बाद कार्यक्रम स्थल तय है। इसके बाद पुलिस-प्रशासन और आयोजकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित प्रवेश-निकासी, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन की रहेगी।

