बंगाल की खाड़ी में उठा गहरा दबाव (Deep Depression) बुधवार देर रात आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट से टकरा गया। इसे Cyclone Arnab के नाम से जाना जा रहा है। लैंडफॉल की प्रक्रिया करीब 3 घंटे चली और इस दौरान हवाओं की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, सिस्टम ने आधी रात के आसपास कलिंगपट्टनम के पास तट को पार किया। यह स्थान विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच पड़ता है। टकराव के बाद समुद्र में करीब 5 मीटर ऊंची लहरें उठीं और दक्षिण ओडिशा में भारी बारिश शुरू हो गई।
4 जिलों में रेड अलर्ट, स्कूल बंद
IMD ने ओडिशा के कालाहांडी, नबरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। गंजाम और गजपति के तटीय इलाकों में भी भारी बारिश का अनुमान है। संवेदनशील जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और आपदा प्रबंधन की टीमें तैनात की गई हैं।
बारिश के आंकड़े डराने वाले हैं। श्रीकाकुलम के पलासा में 14 सेंटीमीटर, सोमपेटा में 13 सेंटीमीटर, कलिंगपट्टनम में 12 सेंटीमीटर और टेक्कली में 11 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। कई जगह सड़कों पर पानी भर गया है। कलिंगा घाट को बारिश के चलते सील कर दिया गया है।
मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 12 घंटे ओडिशा के लिए बेहद अहम हैं। निचले इलाकों में जलभराव, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क-रेल यातायात में बाधा की आशंका है। कमजोर मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। लोगों को भारी बारिश के दौरान घरों में रहने और नदी किनारों व निचले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। देश की ताजा खबरों में यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा भी सुर्खियों में है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
तटीय इलाकों के मछुआरों को 25 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। प्रशासन ने निचले इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। IMD के मुताबिक, यह सिस्टम गुरुवार शाम तक अपनी तीव्रता बनाए रखेगा और शुक्रवार शाम तक कमजोर पड़ जाएगा।
गौरतलब है कि “अर्नब” नाम बांग्लादेश ने विश्व मौसम संगठन की सूची के लिए दिया था। बंगाली में अर्नब का अर्थ समुद्र होता है। फिलहाल आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल रहा है।

