SIR विवाद: Congress का देशभर में प्रदर्शन, CEC के खिलाफ नारेबाजी

Dainik R Times
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वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली, भोपाल, गुवाहाटी, पटना, चंडीगढ़ और देहरादून समेत कई शहरों में चुनाव आयोग के कार्यालयों तक मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

कांग्रेस ने एक दिन पहले ही सभी प्रदेश इकाइयों को निर्देश दिया था कि 25 सितंबर को अपने-अपने राज्य चुनाव आयोग कार्यालयों तक विरोध मार्च निकाले जाएं। पार्टी का कहना है कि कुमार के कार्यकाल में हुई मतदाता सूची की कटौती और बदलावों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। कई शहरों में प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आ रहे हैं।

कई शहरों में हिरासत और वाटर कैनन

गुवाहाटी में असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत कई नेताओं को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ले लिया गया। पटना और चंडीगढ़ में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर भारी पुलिस तैनाती देखी गई। भारतीय युवा कांग्रेस ने 5, राइसिना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला। वहीं कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस ने कुमार और भाजपा विधायक अभय पाटिल के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई है।

भोपाल में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन

मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने गुरुवार को भोपाल में प्रदेश मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने “ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करो” और “वोट चोरी का खुलासा” जैसे पोस्टर लेकर नारेबाजी की।

भोपाल जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंकित दुबे ने कहा कि SIR प्रक्रिया पर दो चुनाव आयुक्तों की 14 आपत्तियों के बावजूद कोई जांच नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए, उनका नाम दोबारा कैसे जोड़ा जाएगा, इस पर भी कोई स्पष्टता नहीं है।

महाभियोग का प्रस्ताव भी

पृष्ठभूमि यह है कि एक अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच SIR से जुड़े फैसलों पर 14 आपत्तियों दर्ज कराईं। हालांकि चुनाव आयोग ने उसी दिन खंडन करते हुए कहा था कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।

कांग्रेस अब विपक्षी दलों से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने पर भी बात कर रही है। सूत्रों के मुताबिक संसद के आगामी सत्रों में प्रस्ताव लाया जा सकता है।

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