SEBI का एक्शन: Omaxe पर बैन, ₹1.92 करोड़ जुर्माना

Dainik R Times
3 Min Read

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने ओमैक्स (Omaxe Ltd) पर कड़ा एक्शन लिया। नियामक ने कंपनी को तीन महीने तक प्रतिभूति बाजार से दूर रहने का आदेश दिया। इसके साथ ही छह कंपनियों पर कुल ₹1.92 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया।

यह आदेश SEBI के क्वासी-ज्यूडिशियल अथॉरिटी एन. मुरुगन ने जारी किया। ओमैक्स के तीन प्रमोटरों पर एक साल का बैन लगा। ये प्रमोटर हैं — रोहतास गोयल, सुनील गोयल और जय भगवान गोयल। इसके अलावा ड्रीम होम डेवलपर्स और गिल्ड बिल्डर्स पर भी एक साल की पाबंदी रहेगी।

SEBI ने क्यों लगाया जुर्माना?

मामला 2013 का है। SEBI का आरोप है कि ओमैक्स ने न्यूनतम सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग (MPS) नियमों का उल्लंघन छिपाया। इसके लिए कंपनी ने 46.5 करोड़ रुपये का गोल-गोल पैसा घुमाया। यह रकम तीन कंपनियों के जरिए चली। इनके नाम हैं — DVM रियल्टर्स, गर्व बिल्डटेक और जीत बिल्डर्स।

जांच में सामने आया कि यह पैसा 2013 में दो बार इस्तेमाल हुआ। तारीखें थीं — 3 जून और 29 अक्टूबर। दोनों बार ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडो में शेयर खरीदे गए। शेयर इस तरह दिखाए गए मानो वे आम निवेशकों के पास हैं। इस तरह कंपनी ने 25 प्रतिशत MPS नियम के पालन का झूठा दावा किया।

SEBI ने इसे बाजार नियमों का गंभीर उल्लंघन माना। आदेश के तहत ओमैक्स को 27 लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा। प्रत्येक प्रमोटर को 37 लाख रुपये देने होंगे। जुड़ी दोनों कंपनियों को 27-27 लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा। हालांकि ओमैक्स को राहत भी मिली। उसे तीन महीने में डेरिवेटिव पोजीशन बंद करने की अनुमति दी गई है।

निवेशकों के लिए क्या संदेश है?

यह कार्रवाई निवेशकों के लिए सख्त संदेश है। SEBI का मानना है कि शेयरहोल्डिंग नियमों से छेड़छाड़ पारदर्शिता पर हमला है। IANS की रिपोर्ट के अनुसार भविष्य में ऐसे मामलों में कार्रवाई और कड़ी हो सकती है।

गौरतलब है कि SEBI इन दिनों शेयर बाजार में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दे रहा है। शेयर बाजार नियामक से जुड़ी ओमैक्स पर यह कार्रवाई इसी मुहिम का हिस्सा है। इससे जुड़े मामलों पर आगे भी नजर रहेगी।

Share This Article