कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Digvijaya Singh ने X पर जारी एक वीडियो में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर सनातन धर्म को बिगाड़ने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने 20 अक्टूबर से उज्जैन से अयोध्या तक लगभग 1,000 किलोमीटर लंबी ‘Sanatan Swabhiman Yatra’ की घोषणा की है।
वीडियो में सिंह ने कहा कि ‘हिंदू’ शब्द की उत्पत्ति फारसी भाषा से हुई है और वेदों, उपनिषदों या पुराणों में इसका उल्लेख नहीं मिलता। उनका दावा है कि ‘हिंदुत्व’ शब्द वीर सावरकर का दिया हुआ है। सिंह ने आरोप लगाया कि RSS और VHP हिंदू-मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों के बीच खाई पैदा कर रहे हैं।
Digvijaya Singh का राम मंदिर चंदे पर आरोप
सिंह ने अयोध्या के राम मंदिर के लिए जमा चंदे के कथित दुरुपयोग पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मंदिर के लिए दान की गई राशि BJP और RSS के चुनावी कामों में लगाई जा रही है। उन्होंने राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अधिकारी चंपत राय को ‘RSS एजेंट’ तक करार दिया। इन आरोपों पर ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हालांकि, सिंह ने स्पष्ट किया कि 20 अक्टूबर (विजयादशमी) से शुरू होने वाली उनकी यात्रा किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। उनके अनुसार, यह यात्रा श्रद्धालुओं के विश्वास और मंदिर के चंदे के पारदर्शी प्रबंधन के लिए है। यात्रा उज्जैन के ‘शिवधाम’ से शुरू होकर अयोध्या के ‘रामधाम’ तक जाएगी।
BJP और NDA के नेताओं ने सिंह के बयानों पर तीखा पलटवार किया है। BJP नेता टी.आर. श्रीनिवास ने कहा कि सनातन धर्म को कांग्रेस के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है, और सावरकर के सेल्युलर जेल के बलिदान का जिक्र किया। JD(U) महासचिव श्याम राजक ने कहा कि धर्म और राजनीति को मिलाना नहीं चाहिए। BJP का आरोप है कि कांग्रेस हिंदू अस्मिता के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है।
गौरतलब है कि सिंह ने ‘Sanatan Swabhiman Yatra’ की घोषणा पहली बार 10 सितंबर को की थी। अब वीडियो विवाद के साथ यह यात्रा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गई है।
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स्रोत: Nation Press
