दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर एक इमारत का अगला हिस्सा ढह गया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई — करीब 12 साल की एक लड़की, 21 साल की गर्भवती महिला गुलफसा और लगभग 18 महीने का एक बच्चा। हादसे में आठ लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे से कुल 11 लोगों को निकाला गया। दिल्ली फायर सर्विस को दोपहर करीब 3:30 बजे घटना की सूचना मिली थी, जिसके बाद बचाव कार्य शुरू किया गया।
शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के अनुसार, यह चार मंजिला इमारत करीब 25 वर्ग गज (225 वर्ग फुट) के प्लॉट पर बनी थी। ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें थीं और ऊपरी मंजिलों पर कई परिवार रहते थे। सूचना मिलने के 15 से 20 मिनट के भीतर पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, नगर निगम और DDMA के साथ NDRF की टीम भी बचाव अभियान में जुटी रही। घायलों को ताहिरपुर के राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाया गया।
बचाव कार्य रात तक जारी
डीसीपी ने बताया कि इमारत काफी पुरानी थी और इलाके की अन्य इमारतों की तरह इसकी दीवारें पतली थीं। इमारतें एक-दूसरे से सटी हुई बनी हैं, जिससे बचाव कार्य में दिक्कत आई। ढहने के असर से पास की एक इमारत की दीवार और नजदीकी मस्जिद की बाउंड्री वॉल भी क्षतिग्रस्त हो गई।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सीमापुरी गोल चक्कर, DLF भोपुरा और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित होने की जानकारी दी। लोगों से इलाका खाली रखने की अपील की गई, ताकि एंबुलेंस और बचाव वाहनों को रास्ता मिल सके।
भूकंप के झटकों से दरार का दावा
कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि मंगलवार रात चमोली भूकंप के झटके दिल्ली-NCR में महसूस होने के बाद इस इमारत में दरारें आ गई थीं। हालांकि हादसे के असली कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। पुलिस का कहना है कि कारणों की पहचान की जा रही है।
गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले 6 सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन में भी एक इमारत ढही थी, जिसमें 7 लोगों की मौत हुई थी। लगातार हो रहे ऐसे हादसों ने राजधानी में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
