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GST Council: गिरफ्तारी का अधिकार खत्म, ₹5 करोड़ Threshold

Dainik R Times
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नई दिल्ली के Bharat Mandapam में गुरुवार को 57वीं GST Council बैठक हुई। केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman की अध्यक्षता में सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई यह बैठक शाम करीब 5 बजे समाप्त हुई। बैठक के बाद वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। इस बार बैठक का केंद्र टैक्स दरों में बदलाव नहीं, बल्कि प्रक्रिया सुधार रहे।

सबसे बड़ा फैसला GST अधिकारियों के गिरफ्तारी अधिकार को समाप्त करने का रहा। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस प्रावधान को GST कानून से हटाया जा रहा है। इसके साथ ही अभियोजन (prosecution) की सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है। इसका मतलब है कि अब ₹5 करोड़ से कम की राशि वाले मामलों में आपराधिक अभियोजन नहीं चलाया जाएगा।

सामान्य जुर्माने की राशि भी ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 कर दी गई है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि देर से रिटर्न दाखिल करने, गलतियों या देर से भुगतान की स्थिति में अब केवल वसूली, ब्याज और आनुपातिक जुर्माना लगाया जाएगा — इससे आगे कोई कार्रवाई नहीं होगी।

छोटे व्यापारियों और ईमानदार करदाताओं को राहत

e-commerce प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने वाले छोटे विक्रेताओं के लिए GST पंजीकरण की प्रक्रिया सरल की जाएगी। अब वे हर राज्य में कारोबार की जगह स्थापित किए बिना पूरे देश में सामान बेच सकेंगे। यह कदम छोटे कारोबारियों और निर्यातकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

ईमानदार करदाताओं के हित में CGST कानून की धारा 162C में संशोधन पर भी सहमति बनी। इसके तहत अगर कोई सप्लायर डिफॉल्ट करता है या फर्जी input tax credit आगे बढ़ाता है, तो ईमानदार खरीदार का ITC नहीं छीना जाएगा।

नोटिस व्यवस्था में पारदर्शिता

Council ने नोटिस और कार्यवाही के लिए एकसमान मानक तय करने की सिफारिश की है। अब औपचारिक नोटिस जारी करने से पहले अनिवार्य सूचना (mandatory intimation) देनी होगी। साथ ही, ₹10,000 से कम की टैक्स मांग पर GST नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। CGST में faceless कर प्रशासन लाने का इरादा भी जताया गया।

वित्त मंत्री ने बताया कि दो एजेंडा बिंदुओं को छोड़कर बाकी सभी पर सहमति बन गई है। इन दो बिंदुओं को एक समिति को सौंपा गया है, जो तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। प्रक्रिया सुधार से जुड़े फैसले 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे।

दरों को लेकर वित्त मंत्रालय ने कहा कि रेट स्ट्रक्चर अब “settled” है। भविष्य में दरों से जुड़े मामलों पर साल में सिर्फ एक बार समर्पित बैठक में विचार किया जाएगा।

राज्यों ने इन फैसलों का स्वागत किया है। Goa के मुख्यमंत्री Pramod Sawant ने कहा कि इन सुधारों से लोगों की पुरानी दिक्कतें दूर होंगी। Delhi की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने सरल GST ढांचे की सराहना की, जबकि West Bengal के वित्त मंत्री Swapan Dasgupta ने बैठक को सकारात्मक बताया।

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