Follow Dainik Rajeev Times

Semiconductor Summit: Indore को ₹15,400 करोड़ निवेश प्रस्ताव

Dainik R Times
3 Min Read

इंदौर में हुए MP सेमीकंडक्टर समिट 2026 के समापन पर मध्य प्रदेश के हाथ बड़ी उपलब्धि लगी है। दो दिवसीय इस समिट में राज्य को ₹15,400 करोड़ से ज्यादा के निवेश अवसर मिले हैं। इसमें ग्वालियर में ₹6,415 करोड़ का डेटा सेंटर भी शामिल है। शुक्रवार को शुरू हुए इस समिट का मकसद राज्य में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को आकर्षित करना था।

सात कंपनियों को IT Park-4 में जगह

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समिट के दौरान सात कंपनियों को IT Park-4 में कार्यालय स्थान के लिए आवंटन पत्र सौंपे। इन प्रस्तावित परियोजनाओं से करीब 1,280 नौकरियां बनने की उम्मीद है। ये कंपनियां चिप डिज़ाइन, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन और मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग और VLSI प्रयोगशाला जैसे क्षेत्रों में काम करेंगी। इससे इंदौर का तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स, AI और रिसर्च-इंजीनियरिंग सेवाओं में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

पांच कंपनियों को भूमि आवंटन पत्र

इसके अलावा पांच कंपनियों को औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन के आशय पत्र मिले। इन प्रस्तावित निवेशों का कुल मूल्य ₹9,625 करोड़ है। इससे भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में 4,450 से ज्यादा सीधी नौकरियां पैदा होने का अनुमान है। इनमें प्रमुख हैं — ग्वालियर के गंगा मलानपुर में 50 मेगावॉट का हाइपरस्केल डेटा सेंटर (₹6,415 करोड़), भोपाल के EMC-2 में 1.5 गीगावॉट घंटा का लिथियम-सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (₹2,000 करोड़), इंदौर के सिन्हासा IT Park में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (₹500 करोड़, 3,500 नौकरियां), ESDM मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (₹400 करोड़) और भोपाल के IT Park बड़वाई में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट (₹310 करोड़, 950 नौकरियां)।

₹5,800 करोड़ के और प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार को ₹5,800 करोड़ के निवेश के और प्रस्ताव भी मिले हैं। इनसे करीब 10,000 रोजगार के अवसर बन सकते हैं। समिट में MPSEDC ने पांच प्रमुख संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया, SEMI इंडिया, SCL मोहाली, इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप (लंदन) और IICT मुंबई शामिल हैं। ये समझौते कौशल विकास, चिप डिज़ाइन, रिसर्च और उद्योग सहयोग को बढ़ावा देंगे।

सेमीकंडक्टर उत्कृष्टता केंद्र

मुख्यमंत्री ने चिप डिज़ाइन, VLSI, रिसर्च और कौशल विकास के लिए सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की घोषणा की। साथ ही फोटोनिक्स और क्वांटम तकनीक के लिए भी अलग उत्कृष्टता केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई साल में सरकार ने निवेश बढ़ाने के लिए 25 से ज्यादा नीतियां लागू की हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और अन्य मंचों से राज्य को ₹34 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से 30 फीसदी से ज्यादा क्रियान्वयन की ओर बढ़ रहे हैं। इंदौर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर के विकास में सेमीकंडक्टर और हाई-टेक उद्योगों को प्राथमिकता दी जाएगी।

Share This Article