Jammu Kashmir Cabinet Expansion मंगलवार को श्रीनगर में पूरा हुआ। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार में चार नए मंत्रियों ने शपथ ली। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोक भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। चारों नए मंत्री नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक हैं। चारों ही कश्मीर घाटी से आते हैं। यह इस सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार है।
नए मंत्रियों में अली मोहम्मद सागर, मीर सैफुल्ला, शमीमा फिरदौस और अल्ताफ अहमद वानी शामिल हैं। सागर ने उर्दू में शपथ ली। बाकी तीनों ने अंग्रेजी में शपथ ली। सागर नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव हैं। वे सात बार विधायक रह चुके हैं। वे कभी विधानसभा चुनाव नहीं हारे हैं। उन्होंने 1983 में बटमालू सीट से पहली बार चुनाव जीता था। बाद में वे खान्यार से चुनाव लड़ने लगे। उन्होंने 2024 में खान्यार सीट से जीत दर्ज की थी।
मीर सैफुल्ला कुपवाड़ा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे हैं। परिसीमन के बाद वे 2024 में त्रेहगाम सीट से चुने गए। शमीमा फिरदौस हब्बाकदल से तीसरी बार विधायक बनी हैं। वे पार्टी की महिला शाखा की अध्यक्ष भी हैं। वे सकीना इटू के बाद मंत्रिमंडल की दूसरी महिला मंत्री हैं। अल्ताफ अहमद वानी पहलगाम से दो बार विधायक रहे हैं। वानी और फिरदौस पहली बार मंत्री बने हैं।
Jammu Kashmir Cabinet Expansion: विस्तार के पीछे क्या समीकरण हैं?
विस्तार से पहले सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री को अपने इस्तीफे सौंप दिए थे। सूत्रों के हवाले से खबर है कि सतीश शर्मा को मंत्रिमंडल से हटाया गया है। हालांकि अन्य बदलावों पर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी अभी घोषित नहीं हुआ है। विभाग मिलने के बाद ही उनकी भूमिका साफ होगी।
यह विस्तार ऐसे समय हुआ है, जब सरकार के दो साल पूरे हो रहे हैं। जम्मू कश्मीर विधानसभा में 90 सदस्य हैं। नियमों के अनुसार मंत्रिमंडल की संख्या विधानसभा की कुल संख्या के 10 प्रतिशत तक हो सकती है। इसलिए मंत्रियों की अधिकतम संख्या सीमित है। कांग्रेस इस विस्तार में शामिल नहीं हुई है। कांग्रेस राज्य का दर्जा बहाल होने तक सरकार में शामिल नहीं होना चाहती। हालांकि वह बाहर से सरकार को समर्थन देती रहेगी।
शपथ समारोह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मौजूद थे। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी भी समारोह में शामिल हुए। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर भी मौजूद थे। विपक्ष के नेता सुनील शर्मा भी समारोह में आए थे। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला भी वहां मौजूद थे। वरिष्ठ नेता मुबारक गुल ने बाहर निकलने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि वे अब तक करीब 30 शपथ समारोहों में गए हैं। हर बार उनका नाम छूट गया। इस बार भी वे मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हो सके।
नए मंत्रियों ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया है। शमीमा फिरदौस ने कहा कि वे और मेहनत से काम करेंगी। मीर सैफुल्ला ने फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व का धन्यवाद किया। अब सबकी नजर विभागों के बंटवारे पर रहेगी। विस्तार के बाद सरकार के कामकाज में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।
