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Israel Election Results: शुरुआती गिनती में Likud आगे

Dainik R Times
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Israel Election Results की शुरुआती गिनती शुरू हो गई है। मंगलवार को हुए मतदान के बाद अब आधिकारिक गिनती जारी है। शुरुआती आंकड़ों में Likud सबसे आगे दिख रही है। हालांकि अभी गिनती का शुरुआती चरण ही पूरा हुआ है। इसलिए अंतिम तस्वीर बदल सकती है।

मतदान रात 10 बजे स्थानीय समय पर खत्म हुआ था। इस चुनाव में मतदान 77.7 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह 1999 के बाद सबसे ज्यादा मतदान बताया गया है। पिछले चुनाव की तुलना में मतदान 7.1 प्रतिशत ज्यादा रहा। Arab मतदाताओं के बीच भी मतदान ऊंचा रहा।

एग्जिट पोल में किसी भी खेमे को बहुमत नहीं मिला था। तीन बड़े चैनलों ने Netanyahu के खेमे को 50 सीटें दी थीं। विपक्षी खेमे को 52 से 53 सीटों का अनुमान था। Arab दलों को 17 से 18 सीटें मिलने का अनुमान था। बाद के संशोधित अनुमानों में दोनों खेमे लगभग बराबर दिखे।

Israel Election Results की शुरुआती आधिकारिक गिनती

केंद्रीय चुनाव समिति ने रात में पहले आधिकारिक आंकड़े जारी किए। करीब 21 प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद सीटों का अनुमान सामने आया। इसमें Likud को 32 सीटें मिलने का अनुमान बताया गया। Gadi Eisenkot की पार्टी को 21 सीटें मिलने का अनुमान था। इसके बाद खेमों का गणित एग्जिट पोल से अलग दिखा।

एक अन्य आंकड़े में करीब 25 प्रतिशत वोट गिने जा चुके थे। उसमें Netanyahu के खेमे को 63 सीटों का अनुमान दिया गया। विपक्षी खेमे को 49 सीटों का अनुमान था। Arab दलों को 8 सीटें मिलने का अनुमान था। ये आंकड़े गिने गए वोटों पर आधारित अनुमान हैं। गिनती आगे बढ़ने पर ये बदल सकते हैं।

कुछ छोटी पार्टियां सीमा रेखा के पास हैं। Ra’am पार्टी करीब 3.20 प्रतिशत वोटों पर है। चुनावी सीमा 3.25 प्रतिशत है। इसलिए उसका संसद में पहुंचना अभी तय नहीं है। विशेष मतपत्रों की गिनती बाद में होगी। अंतिम आधिकारिक नतीजे आने में कई दिन लग सकते हैं।

Eisenkot ने खुद को बदलाव का चेहरा बताया है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने बदलाव के पक्ष में फैसला दिया है। Netanyahu ने मजबूत दक्षिणपंथी सरकार की मांग की है। उन्होंने समर्थकों से अंतिम गिनती का इंतजार करने को कहा। उन्होंने कहा कि Likud सबसे बड़ी पार्टी है।

राष्ट्रपति Isaac Herzog तय करेंगे कि पहले किसे सरकार बनाने का मौका मिले। वे सबसे बड़ी पार्टी या सबसे बड़े खेमे के नेता को चुन सकते हैं। Arab दलों की भूमिका भी अहम हो सकती है। हालांकि कई नेता उनसे साझेदारी से इनकार करते रहे हैं। आगे की बातचीत से ही सरकार का रास्ता साफ होगा।

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