UN Report Israel को लेकर संयुक्त राष्ट्र की एक जांच समिति ने सोमवार को गंभीर आरोप लगाए हैं। यह रिपोर्ट West Bank में हुई घटनाओं पर आधारित है। समिति का कहना है कि वहां मानवता के खिलाफ अपराध हुए हैं। उसने इजराइली बलों और अधिकारियों पर कई आरोप लगाए हैं। इजराइल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
समिति का पूरा नाम संयुक्त राष्ट्र स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग है। इसे संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने 2021 में बनाया था। हालांकि यह समिति संयुक्त राष्ट्र की ओर से नहीं बोलती है। समिति के अध्यक्ष श्रीनिवासन मुरलीधर हैं। वे इस सप्ताह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति के सामने रखेंगे। रिपोर्ट अक्टूबर 2023 से सितंबर 2026 तक की घटनाओं की जांच पर आधारित है।
समिति ने West Bank के बारे में सबसे तीखे निष्कर्ष दिए हैं। उसका कहना है कि सैन्य कार्रवाई और लगातार सेटलर हिंसा ने मिलकर नागरिकों पर हमला किया है। समिति ने इसे व्यापक और व्यवस्थित हमला बताया है। उसने उन्मूलन, यातना, बलात्कार और अन्य यौन हिंसा के अपराधों की बात कही है। साथ ही उसने राष्ट्रीयता, नस्ल और जातीयता के आधार पर उत्पीड़न का आरोप भी लगाया है। ये सभी निष्कर्ष समिति के हैं, स्थापित तथ्य के रूप में पेश नहीं किए गए हैं।
रिपोर्ट में हवाई हमलों से हुई मौतों के आंकड़े भी दिए गए हैं। समिति के अनुसार 2008 से अक्टूबर 2023 तक West Bank में हवाई हमलों में छह फलस्तीनी मारे गए थे। अक्टूबर 2023 से सितंबर 2026 तक यह संख्या 254 हो गई। समिति ने विस्थापन का आंकड़ा भी दर्ज किया है। अगस्त 2026 तक 34,176 लोग अब भी विस्थापित थे। समिति ने इसे 1967 के बाद का सबसे बड़ा विस्थापन बताया है।
UN Report Israel: Gaza पर समिति ने क्या कहा?
गाजा के बारे में समिति ने कहा कि युद्धविराम के बावजूद नरसंहार से जुड़े कृत्य जारी हैं। समिति ने पहले सितंबर 2025 की रिपोर्ट में भी यही निष्कर्ष दिया था। नई रिपोर्ट के अनुसार इजराइल का नियंत्रण 53 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत से ज्यादा हो गया। अक्टूबर 2025 के बाद की अवधि में कम से कम 196 फलस्तीनी मारे गए हैं। समिति ने यह भी कहा कि फलस्तीनी प्राधिकरण ने असहमति और पत्रकारों पर कार्रवाई की है।
इजराइल ने रिपोर्ट को तुरंत खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इसे हकीकत से अलग प्रचार दस्तावेज बताया है। जिनेवा में इजराइल के मिशन ने समिति को भंग करने की मांग की है। इजराइल सितंबर 2025 के नरसंहार वाले निष्कर्ष को भी नहीं मानता है। उसका कहना है कि रिपोर्ट आत्मरक्षा के अधिकार को कमजोर करती है। समिति के निष्कर्षों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी रहने की उम्मीद है।
रिपोर्ट इजराइल में आम चुनाव से एक दिन पहले जारी हुई है। मंगलवार को वहां मतदान हो रहा है। हालांकि समिति ने रिपोर्ट को अपनी जांच के निष्कर्ष के रूप में पेश किया है। आगे संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस पर चर्चा हो सकती है।
गाजा से जुड़ी एक और खबर यहां पढ़ें: Gaza Shujayea Camp Fire: 800 लोग बेघर, तंबू जले। रिपोर्ट का पूरा विवरण यहां देखें: Malay Mail / AFP report।
