स्पेन के उर्दा के पास हुए ट्रेन हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। कास्तिया-ला मांचा की क्षेत्रीय सरकार ने इस आंकड़े की पुष्टि की है। इससे पहले इसी Spain Train Collision Urda हादसे में 64 मौतों की खबर आई थी।
हादसा बुधवार सुबह करीब 8 बजकर 54 मिनट पर हुआ था। मैड्रिड से सेविले जा रही दो हाई-स्पीड ट्रेनें टोलेडो प्रांत के उर्दा के पास टकरा गईं। पीछे से आ रही Renfe की ट्रेन रुकी हुई Iryo ट्रेन से टकराई। टक्कर के बाद कई डिब्बे पटरी से उतर गए।
दोनों ट्रेनों में कुल 544 यात्री सवार थे। इनमें Iryo ट्रेन में 147 और Renfe ट्रेन में 397 यात्री थे। दर्जनों यात्री घायल भी हुए हैं। हादसे के बाद मैड्रिड और अंडालुसिया के बीच हाई-स्पीड रेल सेवा रोक दी गई।
Spain Train Collision Urda: मंत्री ने क्या बताया
स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने कहा कि सिग्नल प्रणाली में कंप्यूटर गड़बड़ी आई थी। इसके कारण 63 किलोमीटर लंबे हिस्से में सुरक्षा प्रणाली काम नहीं कर रही थी। इसलिए कई ट्रेनें रुक गई थीं। हालांकि, नियंत्रण केंद्र ने इसके बाद भी Renfe ट्रेन को चलने की अनुमति दे दी।
मंत्री के अनुसार, गड़बड़ी के बाद ट्रेनों को 40 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा रफ्तार से नहीं चलना था। लेकिन नियंत्रण केंद्र ने सामान्य रफ्तार की अनुमति दी। उन्होंने इस फैसले को समझ से परे बताया। उनका कहना है कि जांच में यह साफ होगा कि अनुमति क्यों दी गई।
रिपोर्टों के अनुसार, जिस अधिकारी ने अनुमति दी थी, उससे सिविल गार्ड ने पूछताछ की है। हालांकि, अभी किसी को जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी। जांच एजेंसी और अभियोजन पक्ष पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। इसलिए हादसे की अंतिम वजह अभी तय नहीं हुई है।
जांच के आदेश, तीन दिन का शोक
प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज बुधवार को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पूरी जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि अगर लापरवाही या सुरक्षा प्रणाली में खामी मिली, तो कड़ी कार्रवाई होगी। सरकार ने 29 से 31 अक्टूबर तक तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।
भारत के दूतावास ने भी प्रभावित ट्रेनों में सवार भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन की जानकारी दी है। दूतावास ने मैड्रिड में संपर्क करने की सलाह दी है। इस बीच, बचाव दल घटनास्थल पर काम कर रहे हैं और अस्पतालों में घायलों का इलाज चल रहा है।
यह हादसा जनवरी 2026 में एडमुज के पास हुए ट्रेन हादसे से अलग है। उस हादसे में 46 लोगों की जान गई थी। बुधवार का हादसा उर्दा के पास हुआ है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जांच पूरी होने तक केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
