Follow Dainik Rajeev Times

Bulgaria Election: Iotova जीतीं, पहली महिला राष्ट्रपति

Dainik R Times
3 Min Read

बुल्गारिया चुनाव (Bulgaria Election) में राष्ट्रपति इलियाना इओटोवा ने दूसरे दौर की वोटिंग में बड़ी जीत दर्ज की है। केंद्रीय चुनाव आयोग की 92.39 प्रतिशत मतगणना के अनुसार इओटोवा को 57.36 प्रतिशत वोट मिले हैं। उनके प्रतिद्वंद्वी आंद्रे ग्यूरोव को 39.68 प्रतिशत वोट मिले। इओटोवा को 10 लाख 22 हजार से अधिक वोट मिले हैं। इस जीत के साथ वह बुल्गारिया की पहली निर्वाचित महिला राष्ट्रपति बनने जा रही हैं।

Bulgaria Election: 92% मतगणना में बढ़त साफ

आयोग के पहले आंकड़ों में भी इओटोवा आगे थीं। 17.39 प्रतिशत मतगणना पर उन्हें 57.94 प्रतिशत और ग्यूरोव को 39.01 प्रतिशत वोट मिले थे। कई मतदान संस्थानों के अनुमानों में भी इओटोवा को 57.4 से 58.2 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान था। ग्यूरोव ने हार स्वीकार कर ली है। करीब 52,800 मतदाताओं ने ‘मैं किसी का समर्थन नहीं करता’ विकल्प चुना। यह कुल वोट का 2.96 प्रतिशत है।

पहले दौर की वोटिंग 25 अक्टूबर को हुई थी। उसमें इओटोवा को 34.76 प्रतिशत और ग्यूरोव को 31.95 प्रतिशत वोट मिले थे। पहले दौर में मतदान सिर्फ 23 प्रतिशत रहा था। यह अब तक का सबसे कम मतदान था। दूसरे दौर में मतदान बढ़कर करीब 27 प्रतिशत रहा। आयोग 4 नवंबर तक आधिकारिक नतीजे घोषित करेगा। नया कार्यकाल 22 जनवरी 2027 से शुरू होगा।

पहली महिला राष्ट्रपति बनेंगी इओटोवा

62 वर्षीय इओटोवा इस साल की शुरुआत में कार्यवाहक राष्ट्रपति बनी थीं। तत्कालीन राष्ट्रपति रुमेन रादेव ने संसदीय चुनाव लड़ने के लिए पद छोड़ा था। इओटोवा रादेव की सहयोगी मानी जाती हैं। जीत के बाद उन्होंने कहा कि उनका संदेश आय, शांति और आगे की चुनौतियों पर केंद्रित था। यूरोपीय संघ की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने उन्हें जीत की बधाई दी है।

बुल्गारिया की आबादी करीब 64 लाख है। राष्ट्रपति का पद वहाँ काफी हद तक औपचारिक माना जाता है। इसके बावजूद इस चुनाव पर पूरे यूरोप की नजर थी। चुनाव के दौरान काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर ड्रोन हमलों की घटनाएँ भी चर्चा में रहीं। अक्टूबर में इन हमलों में 21 लोग लापता हुए थे।

रूस से संवाद की पक्षधर

इओटोवा रूस से संवाद की पक्षधर मानी जाती हैं। वह यूक्रेन को सैन्य सहायता देने के खिलाफ रही हैं। उनके प्रतिद्वंद्वी ग्यूरोव पश्चिमी देशों के समर्थक माने जाते थे। ग्यूरोव पहले कार्यवाहक प्रधानमंत्री रह चुके हैं। चुनाव में यह रुख भी एक बड़ा मुद्दा बना था। अब इओटोवा के नेतृत्व में बुल्गारिया की विदेश नीति पर नजर रहेगी।

Share This Article