गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु ने आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान की लैंडफॉल प्रक्रिया मंगलवार तड़के करीब 1 बजे शुरू हुई। विभाग ने रात 1 बजकर 34 मिनट पर सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी दी। तूफान का केंद्र नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के पास तट पार कर रहा है।
Cyclone Murasu Landfall: ओंगोल के पास तूफान की आँख तट पर
सुबह करीब साढ़े 5 बजे तक तूफान की दीवार (वॉल क्लाउड) का बड़ा हिस्सा तट के अंदर आ चुका था। तूफान की आँख भी तट में प्रवेश कर रही थी। आईएमडी के अनुसार, लैंडफॉल की प्रक्रिया कुछ और घंटे चलेगी। रात डेढ़ बजे तूफान का केंद्र ओंगोल से करीब 40 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था। कावली से इसकी दूरी करीब 60 किलोमीटर और बापटला से करीब 70 किलोमीटर दर्ज की गई।
तट के पास 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल रही हैं। कुछ जगहों पर झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच रहे हैं। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश भी जारी है। मौसम विभाग ने अगले 12 घंटों तक दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
तटीय जिलों में अलर्ट, 1.5 मीटर ऊँची लहरों की चेतावनी
तूफान के कारण समुद्र में 1 से 1.5 मीटर ऊँची लहरें उठने की आशंका है। इससे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में पानी भर सकता है। बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों में सबसे अधिक असर की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से घरों के अंदर रहने की अपील की है। आंध्र प्रदेश की आपदा हेल्पलाइन 1070 पर मदद माँगी जा सकती है।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने टेलीफोन पर हुई बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जान बचाना सबसे पहली प्राथमिकता है। कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं। तेलंगाना के छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट और पाँच जिलों में येलो अलर्ट जारी है।
दोपहर तक कमजोर पड़ेगा मुरासु
मौसम विभाग के अनुसार, तट पार करने के बाद तूफान धीरे-धीरे कमजोर होगा। दोपहर करीब साढ़े 11 बजे तक इसके चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है। इसके बाद यह उत्तर और उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। मुरासु नाम का अर्थ युद्ध का ढोल (वॉर ड्रम) होता है। बंगाल की खाड़ी में बना यह तूफान कुछ ही दिनों में गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया था। इससे पहले चक्रवात अर्नब ने ओडिशा तट पर भारी तबाही मचाई थी।
