QS Asia Rankings में इस साल भारत के शीर्ष संस्थानों की रैंकिंग गिरी है। IIT Delhi देश का सबसे ऊंचा स्थान पाने वाला संस्थान रहा, लेकिन वह भी 66वें स्थान पर फिसल गया। पिछले साल वह 59वें स्थान पर था। IISc Bengaluru और पांचों IIT भी टॉप 100 में रहे, लेकिन सभी की रैंकिंग गिरी है। दिल्ली विश्वविद्यालय टॉप 100 से बाहर हो गया है।
QS Asia Rankings: IIT Delhi 66वें स्थान पर
IIT Delhi 66वें स्थान पर रहा, जो पिछले साल 59वां था। IISc Bengaluru 64वें से गिरकर 79वें स्थान पर पहुंचा। IIT Bombay 71वें से 83वें, IIT Madras 70वें से 85वें स्थान पर फिसला। IIT Kharagpur 77वें से 90वें और IIT Kanpur 77वें से 97वें स्थान पर चला गया। दिल्ली विश्वविद्यालय 95वें से गिरकर 106वें स्थान पर पहुंचा। इस तरह वह टॉप 100 से बाहर हो गया। टेलीग्राफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सभी छह शीर्ष संस्थानों की रैंकिंग गिरी है।
भारत की भागीदारी बढ़ी, फिर भी रैंक गिरी
भारत एशिया की दूसरी सबसे बड़ी उच्च शिक्षा व्यवस्था बना रहा। इस बार 325 भारतीय विश्वविद्यालय रैंकिंग में शामिल हुए। इनमें 34 नए संस्थान भी हैं। टॉप 200 में भारतीय संस्थानों की संख्या 20 से बढ़कर 21 हो गई। हालांकि शीर्ष संस्थानों की रैंकिंग गिरी है। शोध के मामले में भारत मजबूत रहा। प्रति शिक्षक शोध पत्रों के मामले में 27 भारतीय विश्वविद्यालय एशिया के टॉप 50 में हैं। इनमें से पांच टॉप 10 में भी हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी और जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रैंकिंग में सुधार हुआ है।
एशिया में शीर्ष पर कौन
रैंकिंग में हांगकांग, चीन और सिंगापुर के विश्वविद्यालयों का दबदबा रहा। हांगकांग विश्वविद्यालय पहले, पेकिंग विश्वविद्यालय दूसरे और सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी तीसरे स्थान पर रही। टॉप 10 में इन्हीं देशों के संस्थान छाए रहे। रैंकिंग में शैक्षणिक प्रतिष्ठा, शोध, शिक्षक-छात्र अनुपात और अंतरराष्ट्रीयकरण जैसे मानदंड देखे जाते हैं। QS ने कहा है कि भारतीय संस्थानों के स्कोर में सुधार हुआ है। लेकिन दूसरे देशों के संस्थान तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसलिए रैंकिंग में गिरावट आई है।
