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Bhopal Safai Strike: पानी संकट, 15,000 कर्मचारी हड़ताल पर

Dainik R Times
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दीपावली से पहले भोपाल में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। Bhopal Safai Strike अब सिर्फ कचरे तक सीमित नहीं रही। नगर निगम के करीब 15,000 कर्मचारी काम बंद करके हड़ताल पर हैं। जलकार्य शाखा के कर्मचारियों ने शुक्रवार से पेयजल आपूर्ति बंद करने की चेतावनी दी है। शहर में 2.30 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन हैं। इसलिए हड़ताल लंबी खिंची तो लाखों लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।

Bhopal Safai Strike: 15,000 कर्मचारी क्यों हड़ताल पर हैं?

नगर निगम के 21 जोन और 85 वार्डों में करीब 18,000 कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से 15,000 ने काम बंद कर दिया है। हड़ताल में 14,000 दैनिक वेतनभोगी और 1,000 आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारी न्यूनतम 25,000 रुपये वेतन, वेतन वृद्धि और सरकारी कर्मचारी का दर्जा माँग रहे हैं। गुरुवार को कर्मचारियों ने निगम मुख्यालय की बिजली बंद करके ताला लगा दिया। मुख्यालय की आठों मंजिलों पर कुर्सियाँ खाली रहीं।

हड़ताल का असर अब निगम की लगभग सभी जरूरी सेवाओं पर दिख रहा है। जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, फायर ब्रिगेड, जलप्रदाय, सीवेज और अतिक्रमण जैसी सेवाएँ प्रभावित हुई हैं। नईदुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, निगम की वैकल्पिक व्यवस्था को भी कर्मचारियों ने काम नहीं करने दिया। कई इलाकों में दो-तीन दिन से कचरा नहीं उठा है। सड़कों और बाजारों में गंदगी के ढेर लग गए हैं।

पानी की सप्लाई पर कितना बड़ा संकट है?

भोपाल में 2.30 लाख से अधिक नल कनेक्शन हैं। पानी की सप्लाई रुकी तो इसका असर शहर के हर हिस्से में होगा। हालाँकि अभी पानी की सप्लाई बंद नहीं हुई है। कर्मचारियों ने सिर्फ चेतावनी दी है कि शुक्रवार से आपूर्ति रोकी जा सकती है। इसलिए प्रशासन के पास बातचीत से रास्ता निकालने का वक्त है।

बातचीत में क्या हुआ, हड़ताल कब खत्म होगी?

नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि बातचीत सार्थक रही है। अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन और यूनियन पदाधिकारियों के बीच चर्चा हुई है। आयुक्त को उम्मीद है कि हड़ताल जल्द समाप्त हो जाएगी। हालांकि बुधवार को हुई बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई थी।

भोपाल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी थी। दूसरे दिन 2,100 टन कचरा जमा हुआ था। अब हड़ताल निगम के दूसरे विभागों तक फैल गई है। प्रदेश के 10 संभागों, 16 नगर निगमों और 374 नगरपालिकाओं में काम ठप है। करीब ढाई लाख दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

कर्मचारियों की माँग है कि मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत कराई जाए। संगठन का कहना है कि नियमितीकरण और ठेका व्यवस्था खत्म होने तक आंदोलन जारी रहेगा। दीपावली से पहले शहर की सफाई और पानी की व्यवस्था पटरी पर लौटे, यही सबकी उम्मीद है।

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