पुरानी दिल्ली के हौज काजी इलाके में गिरे भवन से शनिवार को चौथा शव निकाला गया। Delhi Hauz Qazi Building Collapse में अब चार लोगों की जान जा चुकी है। चौथे शव की पहचान अभी नहीं हो पाई है। शव को एंबुलेंस से लोक नायक अस्पताल भेजा गया है।
इससे पहले शनिवार सुबह तीसरे मजदूर पंकज शर्मा का शव मिला था। पंकज बिहार के खगड़िया जिले के रहने वाले थे। उनकी उम्र 40 साल थी। वह हनुमान नगर गांव के निवासी थे।
भवन गुरुवार सुबह करीब पौने दस बजे गिरा था। यह गली सितारा में चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास स्थित था। मलबे से अब तक छह लोगों को निकाला जा चुका है। इनमें चार की जान गई है और दो घायल हुए हैं।
पहले दिन किशोरी (40) और संजीत (45) की जान गई थी। सहदेव चौधरी (25) और फिरोज (37) को घायल हालत में निकाला गया था। दोनों घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है। दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा और नगर निगम की टीमें बचाव में लगी हैं।
Delhi Hauz Qazi Building Collapse: FIR और गिरफ्तारी
पुलिस ने भवन मालिकों और ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। तीन ठेकेदार पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। गिरफ्तार ठेकेदारों के नाम सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान बताए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार भवन बिना मंजूरी के बन रहा था। यह 50 वर्ग मीटर के छोटे भूखंड पर खड़ा था। पुलिस ने जून में ही अवैध निर्माण की शिकायत की थी। इसके बावजूद निर्माण जारी रहा, इसलिए अब जांच चल रही है।
पुरानी दिल्ली में अवैध निर्माण पर सवाल
यह हादसा पुरानी दिल्ली में अवैध निर्माण के खतरे को फिर सामने लाया है। संकरी गलियों में ऊंचे भवन बनाना जोखिम भरा साबित हो रहा है। नगर निगम ने दो इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। बचाव अभियान तीसरे दिन भी जारी है और मलबा हटाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य में मदद की थी। प्रशासन ने कहा कि मलबा हटाने का काम अंतिम चरण में है। घायल मजदूरों के परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।
