असम के डिब्रूगढ़ जिले में ऑयल इंडिया के संयंत्र में धमाका हुआ था। इस हादसे के बाद तीन लोगों की जान जा चुकी है। Assam Oil India Explosion शुक्रवार को तेंगाखात स्थित इंटरमीडिएट टैंक फार्म में हुआ था। धमाके के बाद वहां आग भी लग गई थी। रखरखाव का काम चल रहा था, तभी यह हादसा हुआ।
शुक्रवार को राजू दत्ता की जान गई थी। शनिवार सुबह करीब तीन बजे इंजीनियर तापस ज्योति गोगोई की भी जान चली गई। वह डिब्रूगढ़ के निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। उनके शरीर का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा जल गया था।
शनिवार सुबह करीब 11 बजे रूपम गोहैन की भी जान गई। वह गुवाहाटी के अस्पताल में इलाज करा रहे थे। वह ठेकेदार कंपनी स्पेक्ट्रॉन इंजीनियरिंग के कर्मचारी थे। हादसे के समय मौके पर नौ कर्मचारी मौजूद थे और सात घायल हुए थे।
तीन घायल कर्मचारियों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। घायलों को पहले असम मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया था। कुछ का इलाज डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी के निजी अस्पतालों में चल रहा है। धमाके का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।
Assam Oil India Explosion: मुआवजे का ऐलान
ऑयल इंडिया ने शनिवार को मुआवजे का ऐलान किया। कंपनी प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹10 लाख देगी। प्रत्येक घायल को ₹5 लाख की मदद दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
कंपनी ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। सुरक्षा नियमों की समीक्षा भी की जाएगी। टैंक फार्म में कच्चे तेल के भंडारण का काम होता है। इसलिए वहां सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाएगी।
असम में तेल संयंत्रों की सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा असम में तेल संयंत्रों की सुरक्षा पर सवाल उठाता है। इसी हफ्ते गाजियाबाद की पुलिस चौकी में भी धमाका हुआ था। हालांकि दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं और उनकी जांच अलग चल रही है। कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग के बाद 1,500 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि रखरखाव के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्त पालन जरूरी है। ऑयल इंडिया ने कहा कि घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। कंपनी घायलों के परिवारों के संपर्क में है। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आएगी।
