नई दिल्ली। ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का शनिवार सुबह तक कोई पता नहीं चला, जिससे CJP ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि हिरासत के 10 घंटे से ज्यादा बीत जाने के बाद भी दीपके के परिवार, वकीलों और पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके ठिकाने की कोई जानकारी नहीं दी गई है।
समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक दीपके को झंडेवालान से उस वक्त हिरासत में लिया गया था, जब वह कनॉट प्लेस की ओर जा रहे थे। CJP नेता अजिंक्य शिंदे ने आरोप लगाया कि दीपके को “अज्ञात जगह” ले जाया गया है और पार्टी का उनसे संपर्क टूट गया है। पार्टी ने एक्स पर पोस्ट किया कि दीपके को वकीलों से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
RK Puram थाने में मिलीं Neha Bora, वकीलों को मिलने नहीं दिया
वहीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा का पता शनिवार तड़के RK Puram पुलिस थाने से लगा। AISA के मुताबिक बोरा को लगभग 5 घंटे तक दिल्ली के अलग-अलग स्थानों में इधर-उधर घुमाने के बाद आधी रात के आसपास वहां पाया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि आधी रात को थाने पहुंचे वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई और यह जानते हुए भी उन्हें दवाइयां नहीं दी गईं कि वह कई दिनों से अस्वस्थ थीं।
CJP नेता रोहन देशपांडे ने मंदीर मार्ग थाने के SHO को पत्र लिखकर दीपके के ठिकाने, लागू की गई कानूनी धाराओं और प्रिवेंटिव डिटेंशन के आधारों की जानकारी मांगी है। उन्होंने पुलिस से यह भी खुलासा करने को कहा कि हिरासत किसके आदेश पर हुई और दीपके को वकील व साथियों से संपर्क की सुविधा दी जाए।
150 हिरासत, Central Park बंद, विपक्ष बोला — ‘Emergency’
बता दें कि शुक्रवार शाम करीब 150 प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। कुछ युवा तिरंगा लेकर इनर सर्कल में ‘जय हिंद’ के नारे लगाते हुए आगे-पीछे इकट्ठा हो रहे थे। पुलिस ने 6,000 से ज्यादा जवानों की तैनाती की थी और NDMC ने सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखा। विपक्ष के नेताओं ने इस घटनाक्रम को ‘आपातकाल’ जैसी स्थिति बताया है। इस घटनाक्रम की पहली रिपोर्ट और दीपके की हिरासत पर Dainik Rajeev Times पहले भी रिपोर्ट कर चुका है।
