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Jantar Mantar घुसपैठ पर CJP नेताओं पर FIR, शांति-बंध भी टूटा

Dainik R Times
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दिल्ली पुलिस ने मंगलवार शाम CJP नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है। सौरव दास, आशुतोष रंका और अजिंक्य शिंदे समेत अन्य कार्यकर्ता आरोपी हैं। आरोप है कि उन्होंने जंतर मंतर में बिना इजाजत घुसपैठ की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई सुबह की घटना के कुछ घंटों बाद हुई। उस समय कार्यकर्ता भारी बैरिकेडिंग के बावजूद परिसर में घुस गए थे। वे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि FIR में शांति-बंध उल्लंघन की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। शनिवार को दिल्ली पहुंचने पर इन नेताओं को हिरासत में लिया गया था। रविवार को उन्हें 50,000 रुपये के मुचलके पर छोड़ा गया था। शर्त थी कि वे एक साल तक शांति बनाए रखेंगे। पुलिस मंगलवार सुबह की घुसपैठ को इसी शर्त का उल्लंघन मान रही है।

जाफरपुर कलां थाने में हिरासत, वकील से मिलने पर रोक का आरोप

सौरव दास और आशुतोष रंका को सुबह-सुबह हिरासत में लिया गया। उन्हें द्वारका के जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। CJP का दावा है कि उसके 11 से 14 सदस्य हिरासत में हैं। शाम तक नेताओं को नहीं छोड़ा गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उन्हें पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने भी ले जाया जा सकता है।

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने शाम को कहा कि नेता “अब भी गैरकानूनी हिरासत” में हैं। पार्टी की लीगल विंग की रत्ना सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नेताओं के फोन जब्त कर लिए गए हैं। साथ ही, SHO ने उन्हें वकील से मिलने से रोक दिया है। पुलिस ने इन आरोपों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बता दें कि जंतर मंतर को 12 अक्टूबर को धरना स्थल के रूप में डीनोटिफाई किया गया था। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने 11 अक्टूबर को स्थायी आदेश जारी किया था। इसमें रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और CBD ग्राउंड को नए प्रदर्शन स्थल घोषित किया गया। CJP का कहना है कि डीनोटिफिकेशन उसी दिन घोषित हुआ, जिस दिन उसके प्रतिनिधि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तारीख मांगने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने गए थे।

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