दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मंगलवार को कई बड़े घटनाक्रम सामने आए। दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से 273 CAPF कंपनियों की तैनाती 20 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की है। वहीं, हिरासत में लिए गए CJP नेताओं के फोन जब्त करने और उन्हें वकील से मिलने से रोकने के आरोप भी लगे हैं।
273 कंपनियों की तैनाती बढ़ाने की मांग
सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर CAPF की 273 कंपनियों की तैनाती बढ़ाने का अनुरोध किया है। पुलिस का कहना है कि CJP और अन्य संगठनों के संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह जरूरी है। गौरतलब है कि दिल्ली में 6 अक्टूबर को 221 और 8 अक्टूबर को 80 अतिरिक्त CAPF कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दी गई थी।
पुलिस ने यह भी दावा किया कि मंगलवार सुबह Jantar Mantar में घुसे प्रदर्शनकारी पास के खाने-पीने के स्टॉलों और दुकानों के रास्ते परिसर में दाखिल हुए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक ये दुकानें आम दिनों में खुली रहती हैं, लेकिन बड़े प्रदर्शन के आह्वान वाले दिनों में बंद कर दी जाती हैं।
CJP नेताओं के फोन जब्त, वकील से मिलने से रोका
CJP की कानूनी इकाई की सदस्य रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को जाफरपुर कलां थाने के SHO ने अपने वकील से मिलने नहीं दिया। उनके फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इसके अलावा, दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर के बाद से फर्जी ऑनलाइन पोस्टों को लेकर चार FIR दर्ज की हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच में पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडलों की भी जांच की जा रही है।
कनॉट प्लेस में छात्र संगठनों का प्रदर्शन
मंगलवार दोपहर दिशा स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन के सदस्यों ने कनॉट प्लेस में Jantar Mantar को प्रदर्शन स्थल से हटाने और SIR के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने CJP नेताओं की रिहाई की भी मांग की। पुलिस ने NSUI के कार्यकर्ताओं को कनॉट प्लेस मेट्रो स्टेशन के बाहर हिरासत में लिया।
वहीं, नए घोषित तीन प्रदर्शन स्थलों में से एक रामलीला मैदान को लेकर भी अहम जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक साल के अंत तक मैदान में सिर्फ 29, 30 और 31 दिसंबर की तारीखें खाली हैं। एक दिन की बुकिंग दर 50,000 रुपये के साथ 55,000 रुपये की वापसी योग्य सुरक्षा राशि भी देनी होगी।
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