Delhi High Court ने मंगलवार को व्यापारियों और वकीलों की दो याचिकाओं की तत्काल सुनवाई पर सहमति दे दी है। इन याचिकाओं में दिल्ली में protests को regulate करने के लिए standard operating procedure (SOP) लागू करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि हाल के प्रदर्शनों और barricading की वजह से व्यापारियों को करीब ₹2,000 करोड़ का नुकसान हुआ है।
Senior advocate Sacchin Puri ने Acting Chief Justice Nitin Wasudeo Sambre और Justice Sanjay Sharma की bench के सामने मामले का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एक याचिका एक वकील ने और दूसरी एक व्यापारियों के संघ ने दाखिल की है। दोनों याचिकाओं का कहना है कि protests से courts के कामकाज और व्यावसायिक गतिविधियों में गंभीर बाधा आ रही है।
Connaught Place तक पहुंच बंद होने का दावा
Puri ने court को बताया कि हाल के समय में ₹2,000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है और Connaught Place जैसे इलाके पूरी तरह पहुंच से बाहर हो गए। उन्होंने कहा कि SOP इस तरह लागू हो कि वकीलों और व्यापारियों के काम में बाधा न आए।
याचिकाओं में प्रदर्शन के दौरान traffic प्रबंधन, पूर्व आकलन, diversion plans और ambulance-fire services के समन्वय जैसे बिंदुओं पर स्पष्ट दिशानिर्देश मांगे गए हैं। अंतरिम राहत के तौर पर Delhi Police Commissioner और Special CP (Traffic) से 10–12 अक्टूबर के प्रदर्शनों पर guidelines, traffic प्रबंधन और advisories की status report भी मांगी गई है।
ASG ने पहले जताई आपत्ति, फिर नहीं
Additional Solicitor General Chetan Sharma ने शुरुआत में कहा कि protest संबंधी याचिकाएं पहले से Supreme Court के सामने लंबित हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने Delhi High Court में आज सुनवाई पर कोई आपत्ति नहीं जताई। Court ने याचिकाओं को मंगलवार के निर्धारित मामलों के अंत में सुनने पर सहमति दी है।
गौरतलब है कि आज ही court के सामने Jantar Mantar को protest स्थल के रूप में बंद करने को चुनौती देने वाली याचिका और 10 अक्टूबर के प्रदर्शनकारियों पर हमले की जांच मांगने वाली NSUI की probe plea भी सूचीबद्ध है। पिछले एक हफ्ते से CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग को लेकर मध्य और दक्षिण दिल्ली में बड़े प्रदर्शन हो रहे हैं। सोमवार को INDIA bloc ने “March for Democracy” निकाला था, जिसमें हज़ारों लोग शामिल हुए थे।
याचिकाकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि वे शांतिपूर्ण protests पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं मांग रहे हैं, बल्कि मौजूदा कानूनी ढांचे के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग कर रहे हैं — ताकि प्रदर्शन का अधिकार भी बना रहे और आम जनता, व्यापारियों व वकीलों को अनावश्यक असुविधा न हो। Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, court आज इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।
