Cyclone Murasu अगले हफ्ते आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है।
IMD ने शनिवार को विशेष बुलेटिन में इसकी चेतावनी जारी की।
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में शनिवार सुबह 11:30 बजे यह प्रणाली दबाव क्षेत्र में बदल गई।
इसके बाद यह अगले 12 घंटों में गहरे दबाव क्षेत्र में बदल सकती है।
रविवार तक इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।
Cyclone Murasu नाम का मतलब
अगर यह तूफान बनता है तो इसका नाम Murasu होगा।
यह नाम भारत ने सुझाया है और तमिल में इसका मतलब ‘ढोल’ होता है।
यह इस साल बंगाल की खाड़ी में बनने वाला दूसरा चक्रवाती तूफान होगा।
तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है।
यह 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचेगा।
किन इलाकों में भारी बारिश
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भारी बारिश की चेतावनी है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 नवंबर तक बारिश जारी रह सकती है।
2 नवंबर को नीलगिरि और तिरुवल्लूर में भारी बारिश हो सकती है।
3 नवंबर को कुड्डालोर, विल्लुपुरम और पुडुचेरी में भारी बारिश का अनुमान है।
तटीय इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
हवाओं के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।
समुद्र में भी हालात खराब रहेंगे, इसलिए मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आंध्र प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी अलर्ट जारी किया है।
दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में अगले तीन दिन भारी बारिश हो सकती है।
IMD का बुलेटिन बताता है कि यह प्रणाली लगातार मजबूत हो रही है।
एक हफ्ते पहले ही Cyclone Arnab इसी तट से टकराया था।
इसलिए राहत कार्य के बीच दूसरा तूफान प्रशासन के लिए नई चुनौती है।
मध्य प्रदेश में भी मौसम अलर्ट जारी है।
चेन्नई में रविवार को हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
