DAVV Tribal Studies: देश की पहली जनजातीय अध्ययनशाला का पहला बैच

Dainik R Times
4 Min Read
Devi Ahilya Vishwavidyalaya (DAVV)

DAVV Tribal Studies का पहला बैच क्यों खास है?

DAVV Tribal Studies के तहत देश की पहली जनजातीय अध्ययनशाला (Tribal Studies School) का पहला बैच वर्ष 2026 में सफलतापूर्वक पासआउट हो गया। इस अवसर पर Devi Ahilya Vishwavidyalaya (DAVV) में पाठ्यक्रम पूर्णता समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में Higher Education, Technical Education and AYUSH Minister Inder Singh Parmar मुख्य अतिथि रहे। समारोह में Barwani MP Gajendra Singh Patel, Indore MP Shankar Lalwani और MLA Golu Shukla भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन से हुई। इसी दौरान विश्वविद्यालय की वाणिज्य अध्ययनशाला के नवनिर्मित सभागार का भी लोकार्पण किया गया। अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया।


देश की पहली जनजातीय अध्ययनशाला का पहला बैच पूरा

DAVV Tribal Studies भारत की पहली जनजातीय अध्ययनशाला मानी जाती है। वर्ष 2026 में इस पाठ्यक्रम का पहला बैच पूरा हुआ है। विश्वविद्यालय के अनुसार इस कोर्स का उद्देश्य देश की जनजातीय संस्कृति, इतिहास, भाषा, सामाजिक जीवन और परंपराओं पर अकादमिक अध्ययन तथा शोध को बढ़ावा देना है।


Inder Singh Parmar ने क्या कहा

समारोह को संबोधित करते हुए Inder Singh Parmar ने कहा कि जनजातीय अध्ययन केवल एक विषय नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत को समझने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पाठ्यक्रम से विद्यार्थियों को शोध और उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार नई शिक्षा नीति के अनुरूप रोजगारोन्मुख और शोध आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है।


Vice-Chancellor Rakesh Singhai ने बताया विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

DAVV Vice-Chancellor Rakesh Singhai ने कहा कि यह विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक अवसर है। उनके अनुसार यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को मध्य प्रदेश और देश की विभिन्न जनजातियों के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन को समझने का अवसर देता है।

उन्होंने बताया कि भविष्य में इस अध्ययनशाला के माध्यम से शोध गतिविधियों का भी विस्तार किया जाएगा।


60 विद्यार्थियों ने पूरा किया पहला बैच

विश्वविद्यालय के अनुसार पहले बैच में कुल 60 विद्यार्थियों ने अध्ययन किया। इनमें 15 छात्राएं भी शामिल हैं।

एक छात्रा ने बताया कि तीन वर्ष के इस पाठ्यक्रम में जनजातीय समाज के खान-पान, पहनावा, भाषा, संस्कृति, पारंपरिक ज्ञान, आजीविका और सामाजिक व्यवस्था का विस्तृत अध्ययन कराया गया।


नई शिक्षा नीति से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि जनजातीय अध्ययन जैसे पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति (NEP) के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। इससे भारतीय ज्ञान परंपरा, स्थानीय समुदायों और जनजातीय विरासत पर अकादमिक शोध को नई दिशा मिलेगी।


Key Highlights

  • DAVV में देश की पहली Tribal Studies School का पहला बैच पासआउट।
  • Higher Education Minister Inder Singh Parmar मुख्य अतिथि रहे।
  • Commerce Study Hall के नए सभागार का भी उद्घाटन।
  • पहले बैच में 60 विद्यार्थी, जिनमें 15 छात्राएं शामिल।
  • जनजातीय अध्ययन और शोध को मिलेगा नया प्रोत्साहन।


DAVV Official Websitehttps://www.dauniv.ac.in

Share This Article
Leave a comment