Galgotias University: Robot Dog विवाद से App Store Success तक, कैसे बदली यूनिवर्सिटी की तस्वीर
Galgotias University एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि इस बार वजह विवाद नहीं, बल्कि छात्रों की टेक्नोलॉजी उपलब्धियां हैं। कुछ महीने पहले AI Summit में रोबोट डॉग विवाद को लेकर सुर्खियों में आई यूनिवर्सिटी अब 34 iOS ऐप्स के कारण सकारात्मक चर्चा में है।
फरवरी 2026 में नई दिल्ली के Bharat Mandapam में आयोजित India AI Impact Summit के दौरान यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया गया था। बाद में सोशल मीडिया पर इसे चीन की कंपनी Unitree Robotics के प्रोडक्ट के रूप में पहचाना गया। इसके बाद विवाद बढ़ गया था।
अब मई 2026 में वही यूनिवर्सिटी “#GalgotiasToAppStore” कैंपेन के कारण डिजिटल इनोवेशन की नई मिसाल पेश कर रही है।
Robot Dog विवाद कैसे शुरू हुआ था
AI Summit के दौरान यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर Neha Singh ने DD News को बताया था कि “ओरियन” नाम का रोबोट यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा विकसित किया गया है।
हालांकि सोशल मीडिया यूजर्स ने जल्द ही दावा किया कि यह चीन की Unitree Robotics का Unitree Go2 मॉडल है। यह रोबोट अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहले से उपलब्ध है।
इसके बाद मामला तेजी से वायरल हुआ। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यूनिवर्सिटी को अपना स्टॉल हटाना पड़ा। बाद में यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि रोबोट छात्रों की ट्रेनिंग और रिसर्च के लिए खरीदा गया था।
अब 34 Apps के कारण चर्चा में यूनिवर्सिटी
विवाद के करीब तीन महीने बाद यूनिवर्सिटी ने नई उपलब्धि हासिल की है।
Galgotias University के iOS Student Developer Program के तहत छात्रों ने 34 ऐप्स Apple App Store पर लाइव किए हैं। यह प्रोग्राम Apple और Infosys के सहयोग से चल रहा है।
इन ऐप्स में:
- हेल्थकेयर
- AI
- एजुकेशन
- साइन लैंग्वेज
- एविएशन लर्निंग
- सोशल इम्पैक्ट
जैसे कई सेक्टर शामिल हैं।
18 छात्रों ने जीता Swift Student Challenge
यूनिवर्सिटी के मुताबिक 18 छात्रों ने Apple Swift Student Challenge 2026 में भी सफलता हासिल की है।
छात्र Swift Programming और Xcode जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम कर रहे हैं। यूनिवर्सिटी का कहना है कि फोकस केवल थ्योरी नहीं, बल्कि रियल-वर्ल्ड प्रोजेक्ट्स पर है।
7
विवाद से सीखकर बदली रणनीति?
शिक्षा और टेक इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला “क्राइसिस से रिकवरी” का उदाहरण बन सकता है।
Robot Dog विवाद ने यूनिवर्सिटी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए थे। खासकर “मेड इन इंडिया” और AI Innovation के दावों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस हुई थी।
हालांकि अब यूनिवर्सिटी का फोकस स्किल डेवलपमेंट और स्टूडेंट इनोवेशन पर दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संस्थान पारदर्शिता बनाए रखता है, तो यह मॉडल अन्य यूनिवर्सिटीज के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
शिक्षा जगत में क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला
भारत में तेजी से बढ़ते AI और App Economy सेक्टर के बीच यह मामला दो बड़े पहलुओं को दिखाता है।
पहला, किसी भी संस्थान के लिए पारदर्शिता कितनी जरूरी है।
दूसरा, इंडस्ट्री पार्टनरशिप के जरिए छात्र-केंद्रित स्किल डेवलपमेंट कितनी तेजी से परिणाम दे सकता है।
इसी वजह से Galgotias University का यह सफर अब सोशल मीडिया और शिक्षा जगत दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Official Sources:
Galgotias University
Apple Developer Program

