Somnath Amrit Mahotsav: 75 साल पूरे होने पर सोमनाथ में भव्य आयोजन, अमित शाह बोले- सनातन संस्कृति अमर है
Somnath Temple में सोमवार को “सोमनाथ अमृत महोत्सव” भव्य रूप से मनाया गया। यह आयोजन मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया।
Somnath Amrit Mahotsav में प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके अलावा उन्होंने कुम्भाभिषेक और ध्वजारोहण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया।
अमित शाह बोले- सनातन संस्कृति हर बार और मजबूत होकर उभरी
अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Somnath Amrit Mahotsav को लेकर संदेश जारी किया।
उन्होंने लिखा कि सोमनाथ मंदिर असंख्य आक्रमणों के बाद भी हर बार पुनः खड़ा हुआ। उनके मुताबिक यह सनातन संस्कृति की अमरता और निरंतरता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि मंदिर के शिखर पर लहराता भगवा ध्वज भारत की सांस्कृतिक शक्ति का जीवंत प्रमाण है।
PM मोदी ने जारी किया 75 रुपये का सिक्का
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्मारक डाक टिकट और 75 रुपये का विशेष सिक्का भी जारी किया।
इसके अलावा भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण टीम ने मंदिर परिसर के ऊपर एयर शो किया। आसमान में तिरंगे रंगों का प्रदर्शन कार्यक्रम का बड़ा आकर्षण रहा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सुबह से ही मंदिर परिसर में मौजूद रही।
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1951 में हुआ था पुनर्निर्माण का उद्घाटन
स्वतंत्र भारत में सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण सरदार Vallabhbhai Patel की प्रेरणा से शुरू हुआ था।
बाद में K. M. Munshi ने इस अभियान को आगे बढ़ाया।
11 मई 1951 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति Rajendra Prasad ने मंदिर में ज्योतिर्लिंग की प्राण प्रतिष्ठा की थी।
इतिहास में कई बार हुआ पुनर्निर्माण
इतिहासकारों के अनुसार सोमनाथ मंदिर ने कई बड़े आक्रमणों का सामना किया।
इनमें:
- 1026 में महमूद गजनवी का हमला
- 1299 में अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति का आक्रमण
- 1700 के दशक में औरंगजेब काल का विध्वंस
जैसी घटनाएं शामिल हैं।
हालांकि हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। यही वजह है कि इसे भारतीय सांस्कृतिक धैर्य और आस्था का प्रतीक माना जाता है।
सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व का आयोजन
विशेषज्ञों का मानना है कि Somnath Amrit Mahotsav केवल धार्मिक आयोजन नहीं है। यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण और विरासत संरक्षण का भी प्रतीक बन गया है।
हाल के वर्षों में देश में विरासत स्थलों के संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है।
सोमनाथ महोत्सव को भी उसी कड़ी का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
Official Sources:
DD News
Amit Shah Official X Account

