CEC public impeachment का कार्यक्रम आज दोपहर को होगा। INDIA bloc यह कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित करेगा। कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा। यह कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर होगा।
इस कार्यक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रस्ताव रखा जाएगा। यह कानूनी महाभियोग नहीं होगा। बल्कि यह एक राजनीतिक और सार्वजनिक विरोध का मंच होगा। विपक्ष इसे मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर दबाव का तरीका बता रहा है।
CEC public impeachment की अध्यक्षता कौन करेगा
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। मल्लिकार्जुन खरगे प्रस्ताव पेश करेंगे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समापन भाषण देंगे। इसके बाद प्रस्ताव पर मतदान कराया जाएगा।
कार्यक्रम में 21 दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। 30 से अधिक वक्ताओं के बोलने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ मतदाता सूची संशोधन से प्रभावित लोगों की बात भी रखी जाएगी। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सोशल मीडिया पर होने की योजना है।
विपक्ष का आरोप क्या है
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में गड़बड़ी हुई है। विपक्ष का कहना है कि करोड़ों नामों को लेकर पारदर्शिता की कमी रही है। इसलिए विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है।
विपक्ष ने पहले संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की कोशिश की थी। वह प्रस्ताव लोकसभा और राज्यसभा के पीठासीन अधिकारियों ने स्वीकार नहीं किया था। इसलिए विपक्ष ने अब सार्वजनिक मंच से विरोध का रास्ता चुना है। इसीलिए इस कार्यक्रम को जन महाभियोग भी कहा जा रहा है।
कार्यक्रम का स्थान क्यों बदला
पहले यह कार्यक्रम अशोका होटल के लॉन में होना था। बाद में रामलीला मैदान का विकल्प भी सामने आया था। हालांकि दोनों स्थानों के लिए अनुमति नहीं मिल सकी। इसलिए कार्यक्रम खरगे के आवास पर आयोजित किया जा रहा है। विपक्ष ने अनुमति न मिलने पर भी नाराजगी जताई है।
इस कार्यक्रम के बाद विपक्ष की अगली बड़ी कार्रवाई रविवार को होगी। एक नवंबर को रामलीला मैदान में रैली आयोजित की जाएगी। SIR की समय-सीमा बढ़ने के बाद भी यह विवाद थमा नहीं है। BJP ने इसके जवाब में लोकतंत्र बचाओ अभियान तेज कर दिया है।
Deccan Herald की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को हुई बैठक में कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया गया था। बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश और के. सी. वेणुगोपाल शामिल हुए थे। तृणमूल, समाजवादी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा और माकपा के नेता भी मौजूद थे।
