Indore Excise Campaign: 8 टीमों ने संभाला मोर्चा, टोल पर जांच
इंदौर जिले में अवैध शराब के परिवहन, विक्रय और संग्रहण पर रोक लगाने के लिए आबकारी विभाग ने सघन अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न टोल नाकों पर नाकाबंदी और वाहनों की जांच की जा रही है।
इसी क्रम में आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मांगलिया टोल पहुंचकर मैदानी अमले की कार्रवाई का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर तैनात टीम की कार्यप्रणाली और वाहनों की जांच व्यवस्था का जायजा लिया।
अभियान के तहत 8 टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें इंदौर जिले के अलग-अलग टोल नाकों पर नाकाबंदी कर जांच कर रही हैं। साथ ही आबकारी दुकानों, बार, अन्य आबकारी केंद्रों और ढाबों का भी निरीक्षण किया जा रहा है।
Indore Excise Campaign के तहत मांगलिया टोल पर जांच
सबसे पहले, आबकारी विभाग के अधिकारियों ने मांगलिया टोल पर पहुंचकर नाकाबंदी की व्यवस्था देखी। इस दौरान वाहनों की जांच और मैदानी अमले की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने टीम को प्रभावी जांच के निर्देश दिए। साथ ही, अवैध शराब के परिवहन की संभावनाओं को देखते हुए सतत निगरानी रखने पर जोर दिया गया।
विभाग के अनुसार, अभियान का उद्देश्य जिले में अवैध शराब के परिवहन और बिक्री पर प्रभावी रोकथाम करना है।
Indore Excise Campaign में 8 टीमों की तैनाती
इसके बाद, अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 8 टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों को जिले के विभिन्न टोल नाकों पर तैनात किया गया है।
टीमें संदिग्ध वाहनों की जांच के साथ अवैध शराब के संभावित परिवहन पर नजर रखेंगी। वहीं, अभियान के दौरान नियमों के उल्लंघन पर आबकारी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
अभियान सिर्फ टोल नाकों तक सीमित नहीं है। आबकारी दुकानों, बार, अन्य आबकारी केंद्रों और ढाबों का भी निरीक्षण किया जा रहा है।
आबकारी दुकानों और बार की भी जांच
साथ ही, विभागीय अमला आबकारी दुकानों और बार में नियमों के पालन की जांच कर रहा है। अन्य आबकारी केंद्रों और ढाबों का भी निरीक्षण किया जा रहा है।
इस दौरान लाइसेंस और निर्धारित नियमों के पालन की जांच की जा रही है। किसी तरह की अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह अभियान ऐसे समय में चलाया जा रहा है, जब इंदौर में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई लगातार सामने आ रही है। हाल ही में बायपास क्षेत्र में विभाग ने हरियाणा निर्मित शराब की सैकड़ों पेटियां जब्त की थीं। उस कार्रवाई में जब्त शराब का मूल्य करीब 55 लाख रुपये बताया गया था।
वरिष्ठ अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश
वहीं, मैदानी अमले को अवैध शराब के खिलाफ लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कार्रवाई में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा।
अभियान के दौरान टोल नाकों पर जांच व्यवस्था को प्रभावी रखने पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा, आबकारी प्रतिष्ठानों और ढाबों में नियमों की जांच जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला इंदौर की आधिकारिक वेबसाइट पर आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त के रूप में ए.के. तिवारी का नाम दर्ज है। हालांकि, इस प्रेस नोट में नाम अभिषेक तिवारी दिया गया है। इसलिए नाम को विभागीय मूल दस्तावेज से मिलान कर प्रकाशित करना उचित होगा।
अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी
फिलहाल, इंदौर जिले में आबकारी विभाग का यह अभियान अवैध शराब के परिवहन, विक्रय और संग्रहण पर रोक लगाने पर केंद्रित है। विभाग ने मैदानी अमले को सतत निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आबकारी विभाग की ओर से की जा रही कार्रवाई के आंकड़े और जब्ती का विस्तृत विवरण अलग-अलग कार्रवाई के आधार पर सामने आएगा। इसलिए इस अभियान को किसी एक जब्ती की कार्रवाई के रूप में नहीं, बल्कि जिले में चलाए जा रहे व्यापक निरीक्षण अभियान के रूप में देखना उचित है।

