Indore NEET Protest Latest Update: छात्रों ने NTA पर उठाए सवाल

Dainik R Times
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Indore NEET Protest: पेपर लीक के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन, कई बड़ी मांगें उठीं

इंदौर में NEET 2026 को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। शहर में छात्र नेताओं और युवाओं ने परीक्षा प्रणाली को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने NEET पेपर लीक के मामलों पर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ नारेबाजी की।

इस प्रदर्शन में छात्र नेता पवन अहिरवार, नैतिक शिंदे, रोहित अहिरवार, विशाल, आदित्य समेत कई छात्र-युवा शामिल रहे। वहीं सामाजिक संगठनों के कुछ प्रतिनिधियों ने भी छात्रों को समर्थन दिया।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने मेहनत करने वाले लाखों विद्यार्थियों का भरोसा कमजोर किया है। उनका कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।


छात्रों ने क्यों जताई नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि देशभर के विद्यार्थी वर्षों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं की खबरें सामने आने पर मानसिक दबाव और असुरक्षा बढ़ती है।

छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली में सुरक्षा की कई कमियां हैं। इसी वजह से उन्होंने व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग रखी।


CBT मोड में परीक्षा कराने की मांग

छात्रों की सबसे प्रमुख मांगों में से एक यह रही कि NEET परीक्षा को पूरी तरह Computer Based Test (CBT) मोड में कराया जाए।

प्रदर्शनकारियों का मानना है कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली लागू होने से प्रश्नपत्र सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है और लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लग सकती है।


सुरक्षित परीक्षा सिस्टम बनाने की मांग

प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया को लेकर कई सुझाव भी दिए। छात्रों ने मांग की कि:

  • प्रश्नपत्र तैयार करने और प्रिंटिंग की प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित कैंपस में हो
  • परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर सख्त नियंत्रण रहे
  • Students Grievance Helpline बनाई जाए
  • शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए Fast Complaint System लागू हो

छात्रों का कहना था कि तकनीकी और प्रशासनिक सुरक्षा दोनों को मजबूत करना जरूरी है।


आर्थिक सहायता और निष्पक्ष जांच की मांग

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने यह भी कहा कि परीक्षा रद्द होने या दोबारा परीक्षा जैसी स्थितियों में कई परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है। बाहर शहरों में रहकर तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है।

इसी को देखते हुए प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित छात्रों के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी रखी।

इसके अलावा मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग उठाई गई।


“भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” के लगे नारे

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने “छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” और “दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो” जैसे नारे लगाए।

छात्रों ने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली में जल्द सुधार नहीं किए गए तो आने वाले समय में आंदोलन और व्यापक किया जा सकता है।


शिक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

NEET जैसे राष्ट्रीय स्तर के परीक्षा मुद्दों को लेकर देशभर में लगातार बहस चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और तकनीकी सुरक्षा बढ़ाना आने वाले समय की बड़ी चुनौती होगी।

इंदौर में हुआ यह प्रदर्शन भी इसी बढ़ती चिंता का हिस्सा माना जा रहा है, जहां छात्र सिर्फ विरोध नहीं बल्कि परीक्षा सुधार से जुड़े सुझाव भी सामने रख रहे हैं।

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