इराक सरकार ने अपनी मुद्रा दीनार की आधिकारिक दर में बड़ी कटौती की है। कैबिनेट के फैसले के तहत अब 1,520 दीनार प्रति अमेरिकी डॉलर की नई विनिमय दर तय की गई है, जो पिछली आधिकारिक दर से करीब 14.5% कम है। नई दर बुधवार, 7 अक्टूबर से लागू हो गई।
सरकारी फैसले के अनुसार, वित्त मंत्रालय डॉलर 1,500 दीनार की दर पर खरीदेगा, जबकि बैंक और गैर-बैंक वित्तीय संस्थाएं अंतिम उपभोक्ताओं को 1,510 दीनार प्रति डॉलर की दर पर बेचेंगी। आम लोगों के लिए नकद डॉलर की बिक्री दर 1,520 दीनार तय की गई है। पहले यह दर 1,320 दीनार प्रति डॉलर थी।
तेल संकट से बढ़ा राजकोषीय दबाव
रॉयटर्स के अनुसार, यह फैसला अमेरिका-इजराइल के ईरान पर युद्ध के कारण तेल बिक्री में आई बाधा का नतीजा है। तेल इराक की सबसे बड़ी राजस्व स्रोत है। युद्ध के दौरान खाड़ी मार्ग से कच्चे तेल का निर्यात बाधित हुआ, जिससे इराक का निर्यात 36 लाख बैरल प्रतिदिन से घटकर अगस्त में करीब 23.4 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अवमूल्यन से सरकार को तेल राजस्व के हर डॉलर पर अधिक दीनार मिलेंगे, लेकिन इससे आयात महंगा होगा और आम घरों की क्रय शक्ति घटेगी। मसौदा बजट में तेल की कीमत 58 डॉलर प्रति बैरल मानी गई है और 217 ट्रिलियन दीनार (करीब 166 अरब डॉलर) के खर्च का अनुमान है, जबकि घाटा 40 ट्रिलियन दीनार से अधिक रहने का अनुमान है।
बाजार में डॉलर की किल्लत
नई दर लागू होते ही समानांतर बाजार में डॉलर की कीमत 1,680 दीनार के पार चली गई। बगदाद और एरबिल के बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव के चलते कुछ एक्सचेंज दुकानों ने डॉलर की बिक्री ही रोक दी।
दबाव कम करने के लिए सरकारी Trade Bank of Iraq ने बुधवार को आधिकारिक बैंकिंग चैनलों के जरिए बाजार में विदेशी मुद्रा की आपूर्ति शुरू कर दी है। बैंक का कहना है कि इसका मकसद विनिमय दर में उतार-चढ़ाव को सीमित करना और स्थानीय बाजार में स्थिरता लाना है।
विश्लेषकों के अनुसार, तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के बावजूद इराक का राजकोषीय संकट गहरा रहा है, क्योंकि निर्यात की मात्रा में भारी गिरावट आई है।
