Khajrana Ganesh Sanatan Rakhi: 40×40 इंच की भव्य राखी में दिखेगा राष्ट्रभाव
Khajrana Ganesh Sanatan Rakhi में दिखेगा ‘राष्ट्रभाव’
इंदौर। मालवा की सांस्कृतिक राजधानी इंदौर में रक्षाबंधन के अवसर पर खजराना गणेश मंदिर में विशेष सनातन राखी अर्पित की जाएगी। इस वर्ष राखी का आकार 40×40 इंच रखा गया है। पालरेचा परिवार लगातार 24वें वर्ष भगवान खजराना गणेश को विशेष राखी अर्पित करने की परंपरा निभा रहा है।
इस वर्ष राखी की मुख्य थीम ‘राष्ट्रभाव’ और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर आधारित है। आयोजकों के अनुसार, राखी के जरिए धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक संदेश को सामने रखने का प्रयास किया गया है।
राखी में दिखेंगे महाकाल, जगन्नाथ और मां लक्ष्मी
भव्य राखी को कमल पुष्प के स्वरूप में तैयार किया जा रहा है। इसमें भगवान महाकाल, भगवान जगन्नाथ, मां महाकाली और मां लक्ष्मी सहित विभिन्न धार्मिक प्रतीकों को स्थान दिया गया है।
इन प्रतीकों के माध्यम से आस्था, सांस्कृतिक एकता, शक्ति और समृद्धि का संदेश देने की तैयारी है। उपलब्ध रिपोर्टों में भगवान महाकाल को आगामी सिंहस्थ और महाकाल लोक से जुड़े सांस्कृतिक संदर्भों के साथ भी जोड़ा गया है।
भोजशाला और मां वाग्देवी की झलक
राखी में धार की भोजशाला से जुड़े मां वाग्देवी के स्वरूप को भी शामिल किया गया है। इसके माध्यम से आयोजकों ने लंदन में रखी ऐतिहासिक प्रतिमा को लेकर अपने सांस्कृतिक संकल्प का संदेश देने की बात कही है।
यह हिस्सा संवेदनशील ऐतिहासिक विषय से जुड़ा है, इसलिए समाचार में इसे आयोजकों के कथन/संकल्प के रूप में प्रस्तुत करना उचित रहेगा।
ढाई महीने से चल रहा राखी बनाने का काम
पालरेचा परिवार इस विशेष राखी को तैयार करने में करीब ढाई महीने से जुटा है। राखी को सजाने के लिए अलग-अलग शहरों से विशेष सामग्री मंगाई गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, कोलकाता, जयपुर, मुंबई और सूरत से मोती, नग, सितारे और जरदोजी की सामग्री मंगाई गई है।
परिवार के अनुसार, राखी निर्माण में पारंपरिक और विशेष सजावटी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। हर वर्ष राखी के माध्यम से अलग-अलग सामाजिक, धार्मिक या राष्ट्रीय विषयों को सामने रखा जाता है।
24 साल से निभा रहा है पालरेचा परिवार परंपरा
पालरेचा परिवार पिछले 24 वर्षों से खजराना गणेश को विशेष राखी अर्पित करता आ रहा है। हर वर्ष इसकी थीम अलग रखी जाती है।
पिछले वर्षों में परिवार की राखियों में विभिन्न सामाजिक और राष्ट्रीय विषयों को शामिल किया गया है। इस बार सनातन संस्कृति, राष्ट्रभाव और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष को प्रमुखता दी गई है।
खजराना गणेश मंदिर इंदौर का प्रमुख धार्मिक स्थल है और जिला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
इंदौर से दिया जाएगा सांस्कृतिक संदेश
रक्षाबंधन पर खजराना गणेश को अर्पित होने वाली यह 40×40 इंच की राखी धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक और राष्ट्रीय संदेश को भी सामने रखेगी।

