Nepal Flood Update: 21 भारतीय सुरक्षित निकले

Dainik R Times
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Nepal Flood Update

Nepal Flood Update: 21 भारतीयों का Rescue, तलाश जारी

Nepal flood update: नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ के बाद राहत और तलाश अभियान तेज है। नेपाली सेना ने रसुवा के टिमुरे से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला। इनमें 21 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।

हालांकि, प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं। अलग-अलग स्रोतों में लापता लोगों के आंकड़े अलग हैं। इसलिए अंतिम संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।

Internal link: नेपाल की बाढ़ और आपदा से जुड़ी हमारी पिछली रिपोर्ट — INTERNAL-LINK: Nepal flood related coverage

नेपाल में बाढ़ की वजह क्या बताई जा रही है?

सबसे पहले इस घटना को संभावित भूकंप से जोड़ा गया था। बाद में अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की जानकारी से तस्वीर बदली।

इसके बाद सामने आया कि पहाड़ी इलाके में बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड हुआ था। इससे बर्फ, चट्टान और मलबा नदी तंत्र में पहुंचा। नतीजतन, पानी का तेज बहाव नीचे की ओर बढ़ा।

USGS के आकलन के अनुसार, शुरुआती 4.4 तीव्रता वाले भूकंप की रिपोर्ट सही नहीं थी। बाद में इसे लैंडस्लाइड से पैदा हुआ 5.2 तीव्रता जैसा seismic signal बताया गया।

Nepal flood update में भारतीयों की स्थिति

वहीं, भारतीय यात्रियों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नेपाली सेना ने टिमुरे से 116 लोगों को सुरक्षित निकाला। इनमें 21 भारतीय नागरिक बताए गए हैं।

इसके अलावा, कई भारतीय यात्रियों से संपर्क नहीं होने की रिपोर्ट आई है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा से जुड़े लोग भी शामिल हैं। अलग-अलग समय पर जारी सूचियों में भारतीयों की संख्या बदली है।

बाद में कुछ यात्रियों के सुरक्षित निकलने की जानकारी भी सामने आई। इसलिए प्रशासन लगातार आंकड़े अपडेट कर रहा है।

रसुवा और दूसरे इलाकों में हालात

इस दौरान रसुवा का टिमुरे और स्याफ्रुबेसी क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास भी पानी और मलबे का असर देखा गया।

इसके अलावा, सड़क और पुलों को नुकसान पहुंचने से राहत दलों के सामने बड़ी चुनौती है। कई जगह मोटी कीचड़ जमा होने से रास्तों पर आवाजाही मुश्किल है।

नेपाल की स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से कई मोटर योग्य और सस्पेंशन पुल प्रभावित हुए हैं। करीब 40 किलोमीटर सड़क को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी है।

राहत और Rescue अभियान तेज

इसी दौरान नेपाली सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने तलाश अभियान तेज किया। हेलिकॉप्टरों के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को निकालने का काम किया जा रहा है।

बाद में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने राहत सामग्री तेजी से प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने की जानकारी दी। सुबह से कई rescue flights भी संचालित की गईं।

भारत ने भी नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय सहायता में जरूरी दवाइयां और राहत सामग्री शामिल हैं।

आधिकारिक अपडेट: भारतीय सहायता और नेपाल से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए भारत के विदेश मंत्रालय और नेपाल की संबंधित सरकारी एजेंसियों की सूचनाएं देखी जा सकती हैं।

लापता लोगों के आंकड़ों में क्यों अंतर है?

गौरतलब है कि इस घटना में अलग-अलग समय पर अलग आंकड़े जारी हुए हैं। शुरुआती रिपोर्टों में नेपाल की ओर सैकड़ों लोगों के लापता होने की बात कही गई।

वहीं, बाद की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टिंग में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर करीब 1,500 लोगों के संपर्क से बाहर होने की जानकारी सामने आई। Reuters ने भी करीब 1,500 लोगों के लापता होने की रिपोर्ट की है।

दूसरी ओर, Nepal Tourism Board और NDRRMA की रिपोर्टों में अलग-अलग चरणों पर अलग संख्या सामने आई। इसका कारण लगातार चल रहा rescue operation और सूची का अपडेट होना है।

आगे भी खतरा पूरी तरह टला नहीं

हालांकि, राहत अभियान के साथ आगे की सुरक्षा भी अहम है। नदी के ऊपरी हिस्से में पानी और मलबे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

साथ ही, खराब मौसम और क्षतिग्रस्त रास्ते rescue teams की गति को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए प्रशासन लोगों से नदी और प्रभावित इलाकों से दूर रहने की अपील कर रहा है।

नेपाल और चीन की सीमा पर हुई यह घटना सिर्फ राहत अभियान तक सीमित नहीं है। इसका असर पर्यटन, सीमा व्यापार, सड़क संपर्क और जलविद्युत परियोजनाओं पर भी पड़ रहा है।

निष्कर्ष: Nepal flood update में सबसे अहम बात यह है कि बचाव अभियान जारी है और 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है। वहीं, लापता लोगों की सही संख्या की पुष्टि के लिए आधिकारिक अपडेट का इंतजार जरूरी है।

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