RSS Shakha 1 Lakh का आंकड़ा पार कर गई है। देश भर में अब रोजाना 1,01,151 शाखाएं लग रही हैं। साप्ताहिक और मासिक बैठकों को मिलाकर गतिविधियां 1,10,849 स्थानों तक पहुंच गई हैं। पिछले एक साल में 13,000 से ज्यादा नई दैनिक शाखाएं जुड़ी हैं।
RSS Shakha 1 Lakh: आंकड़ों के पीछे की कहानी
अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने शनिवार को इंदौर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन का विस्तार लगातार जारी है। शताब्दी वर्ष विजयादशमी के साथ पूरा हुआ। इस दौरान देश के कोने-कोने में कार्यक्रम हुए। आंबेकर ने बताया कि युवा वर्ग में शाखाओं की रुचि बढ़ी है।
इंदौर में शताब्दी समारोह के दौरान बड़ी संख्या में स्वयंसेवक जुटे थे। इससे पहले इंदौर में संघ की बैठक में संगठन की भूमिका पर चर्चा हुई थी।
शाखा में स्वयंसेवक रोज सुबह खेल, चर्चा और सेवा के काम करते हैं। लेकिन अब शाखा सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रही। समाज सेवा, शिक्षा और पर्यावरण के काम भी शाखाओं से जुड़ गए हैं। यही वजह है कि नए लोग शाखा से जुड़ रहे हैं। इंदौर को बैठक के लिए चुना जाना भी खास माना जा रहा है। शहर में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
नवंबर में बड़ी बैठक, युवाओं पर चर्चा
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक 2 से 4 नवंबर तक इंदौर के डेली कॉलेज में होगी। सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले इसमें शामिल होंगे। देश की 46 प्रांतों और 11 क्षेत्रों से करीब 408 प्रतिनिधि आएंगे। बैठक में युवाओं में नशे की बढ़ती लत पर भी चर्चा होगी। इसलिए संगठन इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करेगा।
हालांकि विस्तार के साथ संगठन की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। Organiser की रिपोर्ट के अनुसार शाखाओं का यह आंकड़ा संगठन के इतिहास में अहम है। क्योंकि रोजाना की शाखा ही संगठन की बुनियाद मानी जाती है। इसके बाद बैठक के फैसलों पर सबकी नजर रहेगी।
