मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा के कोसमी गांव में रविवार को वन विभाग की अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई ने राजनीतिक भूचाल खड़ा कर दिया है। वन विकास निगम और वन विभाग की टीम ने जेसीबी मशीनों से 12 बैरेली आदिवासी परिवारों के घर ढहा दिए। जेसीबी ने घरों के साथ खेतों में खड़ी फसल को भी रौंद डाला और एक कुएं को मिट्टी से भर दिया। यह वही बुधनी सीट है, जहां से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक विधायक रहे हैं।
घटना की खबर मिलते ही शिवराज सिंह चौहान रविवार रात कोसमी गांव पहुंचे और विस्थापित परिवारों के साथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने देर रात तक पीड़ितों के बीच रहकर उनकी परेशानियां सुनीं। शिवराज ने मुख्य सचिव अशोक बरनवाल और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से फोन पर बात कर तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इन्हीं आदिवासी परिवारों के वोटों से “मोहन जी मुख्यमंत्री बने हैं”, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि इनके घर बचाए जाएं।
शिवराज चौहान बुधनी में विस्थापितों को दिया आश्वासन
शिवराज सिंह चौहान ने विस्थापित परिवारों को आश्वासन दिया कि उन्हें नए घर दिए जाएंगे। तब तक अस्थायी आश्रय और खाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि “अन्याय की हदें पार हो गई हैं” और दोषी वन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। शिवराज का कहना था कि वह मुख्यमंत्री से खुद इस मामले में बात करेंगे।
दूसरी ओर वन विभाग का कहना है कि जिस जमीन पर ये परिवार बसे थे, वहां 2021 में लगाया गया पौधारोपण नष्ट कर दिया गया था। विभाग के अनुसार अतिक्रमण के नोटिस पहले ही जारी किए जा चुके थे। हालांकि वन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों में प्रभावित परिवारों की संख्या 10 बताई गई है, जबकि स्थानीय स्तर पर 12 परिवारों के घर ढहने की बात कही जा रही है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेर लिया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया और सरकार पर आदिवासियों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि बिना पुनर्वास के घर ढहाना अन्याय है।
यह मामला तब और बड़ा हो गया जब सोमवार दोपहर तक इस पर नए अपडेट सामने आए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिवराज सिंह चौहान का अपनी ही सरकार के खिलाफ खुलकर सामने आना मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा संकेत है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।
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स्रोत: The Indian Express
