Sonam Wangchuk Hunger Strike: NEET-UG 2026 विवाद को लेकर 16वें दिन भी जारी अनशन
Sonam Wangchuk Hunger Strike लगातार 16वें दिन भी जारी है। शिक्षा सुधार और NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधार के समर्थक सोनम वांगचुक भी आंदोलन में शामिल हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल लोगों की मांग है कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाया जाए। साथ ही कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई जा रही है।
Sonam Wangchuk Hunger Strike के दौरान स्वास्थ्य को लेकर चिंता
आंदोलन से जुड़े लोगों के अनुसार लंबे समय से अनशन पर रहने के कारण सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य में गिरावट आई है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उनका वजन कम हुआ है और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा रही है।
हालांकि, सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।
NEET-UG 2026 विवाद क्या है?
NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। इस विवाद के बाद कई राज्यों में जांच शुरू हुई और CBI भी मामले की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियों ने विभिन्न राज्यों से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
प्रदर्शनकारियों की क्या मांग है?
आंदोलनकारी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जानी चाहिए।
इसके अलावा शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज
इस पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने परीक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग का समर्थन किया है।
वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि मामले की जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
20 जुलाई को संसद मार्च की तैयारी
प्रदर्शन से जुड़े संगठनों ने 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च निकालने की घोषणा की है। उनका कहना है कि जब तक परीक्षा सुधार और जवाबदेही को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, आंदोलन जारी रहेगा।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। हर वर्ष लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता का मुद्दा सीधे छात्रों और उनके भविष्य से जुड़ा है। इसलिए यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है।

