Sonam Wangchuk ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन, सरकार ने दिए बड़े आश्वासन

Dainik R Times
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Sonam Wangchuk Hunger Strike End

Sonam Wangchuk ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन, सरकार के आश्वासन के बाद लिया बड़ा फैसला

नई दिल्ली। शिक्षा सुधारक और लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने गुरुग्राम के अस्पताल में अपना अनशन तोड़ा। यह अनशन देश की परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही, कथित पेपर लीक मामलों और छात्रों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन का हिस्सा था।

सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि परीक्षा प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद में चर्चा की जाएगी। साथ ही, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और परीक्षा सुधारों पर आगे कदम उठाए जाएंगे।

Sonam Wangchuk ने क्यों किया था अनशन?

सोनम वांगचुक ने जून के अंत में छात्रों के समर्थन में अनशन शुरू किया था। आंदोलन का मुख्य मुद्दा प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग था।

उन्होंने कहा था कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अनशन का रास्ता चुना।

सरकार ने कौन-कौन से आश्वासन दिए?

सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत के बाद कई महत्वपूर्ण आश्वासन सामने आए।

  • परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही पर संसद में चर्चा।
  • परीक्षा सुधारों से जुड़े मुद्दों पर आगे कार्रवाई।
  • शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं।
  • संबंधित मामलों पर सरकार द्वारा आगे संवाद जारी रखने का भरोसा।

अस्पताल में समाप्त किया अनशन

स्वास्थ्य संबंधी निगरानी के बीच सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम स्थित अस्पताल में अपना अनशन समाप्त किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्रियों और अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने सरकार के लिखित आश्वासन स्वीकार किए। डॉक्टरों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी जारी है।

छात्रों के आंदोलन पर क्या असर पड़ेगा?

हालांकि वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है, लेकिन आंदोलन से जुड़े कुछ संगठनों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा सुधारों और जवाबदेही की मांग आगे भी जारी रहेगी। उनका कहना है कि सरकार द्वारा किए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर उनकी नजर रहेगी।

Sonam Wangchuk कौन हैं?

सोनम वांगचुक लद्दाख के प्रसिद्ध इंजीनियर, शिक्षा सुधारक और नवाचार विशेषज्ञ हैं। उन्होंने SECMOL (Students’ Educational and Cultural Movement of Ladakh) की स्थापना की और शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण तथा हिमालयी क्षेत्रों के विकास के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं। उनकी पहचान फिल्म 3 Idiots के चर्चित किरदार ‘फुंसुख वांगडू’ की प्रेरणा के रूप में भी की जाती है।

आगे क्या होगा?

सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद अब निगाहें संसद की आगामी कार्यवाही पर हैं। यदि परीक्षा सुधार और जवाबदेही से जुड़े प्रस्तावों पर आगे कदम बढ़ते हैं, तो इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में व्यापक बदलाव की उम्मीद की जा रही है। वहीं छात्र संगठनों ने कहा है कि वे सरकार की घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन पर लगातार नजर बनाए रखेंगे।

निष्कर्ष

Sonam Wangchuk का 26 दिनों बाद अनशन समाप्त करना छात्र आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। सरकार के लिखित आश्वासनों के बाद फिलहाल गतिरोध कम हुआ है, लेकिन परीक्षा सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर आगे की कार्रवाई अब सबसे महत्वपूर्ण होगी।

FAQs

Sonam Wangchuk ने अनशन क्यों किया था?

उन्होंने परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही, कथित पेपर लीक मामलों और छात्रों की मांगों के समर्थन में अनशन शुरू किया था.

Sonam Wangchuk ने अनशन कब समाप्त किया?

उन्होंने 26 दिनों के बाद सरकार के लिखित आश्वासन मिलने पर अपना अनशन समाप्त किया।

सरकार ने क्या आश्वासन दिए?

सरकार ने परीक्षा प्रणाली पर संसद में चर्चा, संवाद जारी रखने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया।

क्या आंदोलन पूरी तरह खत्म हो गया है?

नहीं। कुछ छात्र संगठनों ने कहा है कि उनकी मांगों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।

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