इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत के बाद अब उज्जैन नगर पालिका निगम भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए नगर निगम ने शहरभर में मुनादी करवा कर लोगों से नलों के पानी को उबालकर उपयोग करने की अपील की है।
नगर निगम की ओर से कराई जा रही मुनादी में साफ कहा जा रहा है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य न हो जाए, तब तक नल से आने वाले पानी को सीधे न पिएं। पानी को कम से कम 10–15 मिनट तक उबालने के बाद ही पीने या भोजन बनाने में इस्तेमाल करें। साथ ही निगम द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था अलग से की जा रही है।
इंदौर की घटना से उज्जैन में बढ़ी सतर्कता
इंदौर में दूषित पानी से फैले डायरिया और मौतों की घटना ने पूरे प्रदेश के नगर निकायों को सतर्क कर दिया है। उज्जैन नगर निगम का मानना है कि किसी भी तरह की लापरवाही भविष्य में बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। यही वजह है कि इंदौर जैसी स्थिति उज्जैन में न बने, इसके लिए पहले से ही एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
शासन के निर्देश के बाद अलर्ट पर निगम
नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि शासन से मिले निर्देशों के बाद पूरी टीम अलर्ट पर है। सभी जल आपूर्ति टंकियों की नियमित जांच की जा रही है। टंकियों की सफाई, क्लोरीनेशन और पानी के सैंपल लेकर लैब में जांच कराई जा रही है।
इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतों के बाद…
CM मोहन यादव के गृह ज़िले उज्जैन में नगर निगम का ऐलान कर रहा है;
"अगले आदेश तक नल का पानी सीधे नहीं पिएं। अत्यंत आवश्यक होने पर उबाल के पिएं।"
यानी, नगर निगम मान रहा है कि उज्जैन का पानी भी स्वच्छ नहीं है। pic.twitter.com/zUgWD8zIsh
— काश/if Kakvi (@KashifKakvi) January 2, 2026
कमिश्नर के अनुसार, जहां-जहां सड़क चौड़ीकरण, पाइपलाइन शिफ्टिंग या मरम्मत का काम चल रहा है, वहां दूषित पानी मिलने की आशंका ज्यादा रहती है। ऐसे इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और लोगों को स्पष्ट रूप से उबालकर पानी पीने की सलाह दी जा रही है।
वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था भी शुरू
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में पानी को लेकर शंका है, वहां टैंकरों के जरिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर टैंकरों की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि किसी भी नागरिक को परेशानी न हो।
लोगों से सहयोग की अपील
नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन सतर्क जरूर रहें। अगर कहीं पानी का रंग बदला हुआ दिखे, बदबू आए या गंदगी नजर आए तो तुरंत निगम के हेल्पलाइन नंबर या वार्ड कार्यालय को सूचना दें।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम डर फैलाने के लिए नहीं बल्कि सावधानी और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। इंदौर की घटना से सबक लेते हुए उज्जैन में पहले से ही एहतियात बरतना जरूरी है।

