वर्क फ्रॉम होम (WFH) या रिमोट वर्क का ट्रेंड कोविड-19 के बाद काफी बढ़ा। लेकिन अब टेक इंडस्ट्री में कई ऐसे केस सामने आ रहे हैं, जहां कर्मचारी उच्च सैलरी वाली WFH जॉब ठुकराकर ऑफिस वर्क को प्राथमिकता दे रहे हैं। एक हालिया उदाहरण में बेंगलुरु का एक टेक इंजीनियर 75,000 डॉलर यानी करीब ₹67 लाख सालाना पैकेज वाली रिमोट जॉब को ठुकरा चुका है।
इस इंजीनियर ने अपने दोस्त और सोशल मीडिया पर पोस्ट में बताया कि रिमोट वर्क में फ्रीडम और फ्लेक्सिबल घंटे होते हैं, लेकिन ऑफिस जॉब में स्थिरता, प्रोफेशनल ग्रोथ और नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं ज्यादा होती हैं। उन्होंने कहा कि उनके चार साल के अनुभव के बावजूद, मिड-साइज AI स्टार्टअप में ऑफिस जॉब जारी रखना उनके लिए बेहतर विकल्प था।
Friend got a 75k USD remote offer and rejected it to continue his current 48 LPA role in a mid-sized AI startup because of office perks. 🤦🏻
— Ashish Jha (@the_dream_saver) November 29, 2025
WFH से दूरी की 5 मुख्य वजहें
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सोशल आइसोलेशन और मोटिवेशन की कमी
MIT और स्टैनफोर्ड की स्टडी बताती हैं कि WFH में अकेलापन और कम सोशल इंटरैक्शन कर्मचारियों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित करता है। वहीं ऑफिस में टीम और सीनियर्स के साथ काम करना मेंटली पॉजिटिव रहता है। -
प्रोफेशनल ग्रोथ
ऑफिस वर्क में कर्मचारियों को तुरंत गाइडेंस मिलती है और सीखने का मौका ज्यादा होता है। WFH में टीम के साथ टूल्स और डिजिटल कम्युनिकेशन की वजह से सीखने का अनुभव सीमित रह जाता है। -
प्रमोशन और सैलरी हाइक का फायदा
इन-ऑफिस मौजूदगी आपकी क्रेडिबिलिटी बढ़ाती है। बॉस और सीनियर्स आपके काम को नज़दीक से देखते हैं, जिससे प्रमोशन और सैलरी हाइक पाने के अवसर बेहतर होते हैं। -
सशक्त नेटवर्किंग
ऑफिस में काम करने से सीनियर्स और लीडर्स के साथ मजबूत नेटवर्क बनता है। यह नेटवर्क करियर ग्रोथ के लिए बेहद जरूरी है। -
बैलेंस्ड वर्क-लाइफ
WFH में boundaries साफ नहीं होती, जिससे कर्मचारी कभी-कभी ज्यादा काम और परिवार के बीच संतुलन नहीं बना पाते। ऑफिस जॉब में तय शेड्यूल होता है और घर आने के बाद फैमिली टाइम भी सुनिश्चित रहता है।

