Follow Dainik Rajeev Times

World Bank Report: भारत में गरीबी 2.6%, 49.6 करोड़ बाहर

Dainik R Times
3 Min Read

विश्व बैंक की नई रिपोर्ट (World Bank Poverty Report) में भारत की गरीबी को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। देश में अत्यधिक गरीबी 2011 के 27.1 प्रतिशत से घटकर 2023 में 2.6 प्रतिशत रह गई। इस दौरान करीब 49.6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए। बैंक ने इसे दुनिया में सबसे तेज गरीबी कमी में से एक बताया है।

World Bank Poverty Report के मुख्य आंकड़े

रिपोर्ट में दो अलग-अलग गरीबी रेखाओं का इस्तेमाल किया गया है। पहली रेखा तीन डॉलर प्रतिदिन की है, जो अत्यधिक गरीबी को मापती है। दूसरी रेखा 4.20 डॉलर प्रतिदिन की है, जो निम्न-मध्यम आय वाले देशों के लिए है। दूसरी रेखा के हिसाब से गरीबी 57.7 प्रतिशत से घटकर 16.1 प्रतिशत रह गई। हालांकि 2023 में भी करीब 7.5 करोड़ लोग तीन डॉलर की रेखा से नीचे थे। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी 19.3 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 8.6 प्रतिशत थी। इसके अलावा देश के करीब 57 प्रतिशत गरीब उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक की पट्टी में रहते हैं।

गरीबी कम होने की वजह क्या रही

विश्व बैंक ने गरीबी कमी के तीन बड़े कारण बताए हैं। पहला कारण घरेलू खर्च में बढ़ोतरी है। दूसरा कारण रोजगार में वृद्धि है, खासकर महिलाओं के रोजगार में। तीसरा कारण सरकारी योजनाओं का विस्तार है, जिनमें खाद्य सब्सिडी भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार 2017 से 2023 के बीच करीब 13.4 करोड़ नौकरियां बढ़ीं। यह वृद्धि कामकाजी उम्र की आबादी की बढ़ोतरी से लगभग दोगुनी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोशल मीडिया पर रिपोर्ट का स्वागत किया है। उन्होंने खपत, रोजगार और कल्याण योजनाओं को इसका श्रेय दिया है।

चुनौतियां अभी बाकी हैं

रिपोर्ट में असमानता को लेकर भी चेतावनी दी गई है। सबसे अमीर दस प्रतिशत श्रमिकों की औसत कमाई सबसे गरीब दस प्रतिशत से करीब तेरह गुना ज्यादा है। इसके अलावा ऊपरी-मध्यम आय की 8.30 डॉलर वाली रेखा से नीचे करीब 80 प्रतिशत आबादी रहती है। बैंक का अनुमान है कि गरीबी आगे भी घटेगी, लेकिन रफ्तार धीमी होगी। 4.20 डॉलर वाली रेखा पर गरीबी 2026 के 14.2 प्रतिशत से घटकर 2028 तक 12.1 प्रतिशत हो सकती है। हालांकि ये अनुमान शुरुआती हैं और नए आंकड़ों से बदल सकते हैं। बैंक ने यह भी कहा कि सर्वेक्षण अमीर परिवारों के खर्च को कम आंक सकते हैं। PM-KISAN 24th Instalment: ₹18,690 करोड़ किसानों को The Economic Times

Share This Article