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पहली बार भारत आ रहे 2 अमेरिकी B-1B Bombers, वायुसेना के साथ करेंगे मिलिट्री एक्सरसाइज, दुनिया में कहीं भी मिशन को अंजाम देने में सक्षम

B-1B Bombers 
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Cope India मिलिट्री एक्सरसाइज में भाग लेने के लिए अमेरिका से आ रहा है दुनिया का सबसे खतरनाक बॉम्बर विमान, जिसका नाम है B-1B लांसर। साउथ डकोटा के एल्सवर्थ एयर फोर्स बेस के 28वें बॉम्ब विंग का यह लंबी दूरी का बमवर्षक किसी भी तरह के गाइडेड, परमाणु और पारंपरिक हथियार ले जाने में सक्षम है।
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इसके साथ आ रहे हैं F-15E फाइटर जेट्स की फ्लीट, C-130 और C-17 ट्रांसपोर्ट विमान। अमेरिकी पैसिफिक एयर फोर्सेस के कमांडर जनरल केनेथ एस विल्सबैच ने बताया कि, यह बमवर्षक पहली बार पिछले महीने Aero India शो में शामिल हुआ था। लेकिन इस बार हम भारतीय वायुसेना के साथ हो रही मिलिट्री एक्सरसाइज में इसे शामिल कर रहे हैं।
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यह बमवर्षक लंबी दूरी का विमान हैं। सामान्य भाषा में अमेरिकी सैनिक इसे बोन (Bone) कहते हैं। अमेरिका के पास ऐसे 104 बमवर्षक और इसे उड़ाने के लिए चार क्रू लगते हैं। जिसमें एक एयरक्राफ्ट कमांडर, एक पायलट, एक ऑफेंसिव सिस्टम्स ऑफिसर और डिफेंसिव सिस्टम्स ऑफिसर शामिल होता हैं।
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इस B-1B लांसर की लंबाई 146 फीट, विंग्स्पैन 137 फीट और ऊंचाई 34 फीट की है। जब इसमें हथियार नहीं लगे होते तब इसका वजन 87,090 किलोग्राम रहता है और हथियारों के साथ 2.16 लाख किलोग्राम हो जाता है। 40 हजार फीट की ऊंचाई पर यह 1,531 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से उड़ता है और यह एक बार में 9,400 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है।
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अगर इस विमान में हथियार न लगे हों तो यह 12000 किलोमीटर तक चला जाता है और अधिकतम 60 हजार फीट की ऊंचाई तक जा सकता है। यह एक मिनट में 5,678 फीट तक पहुंच जाता है और इसमें छह एक्सटर्नल हार्डप्वाइंट्स हैं। यानी यह अपने 23 हजार किलोग्राम वजन के बम रख सकता है या इसमें कई तरह के बमों का मिश्रण लगाया जा सकता हैं।
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MK-82 जनरल परपज बम, MK-62 क्विकस्ट्राइक सी माइंस, क्लस्टर बम, CBU-105 विंड करेक्टेड म्यूनिशंस डिस्पेंसर, जेडैम जीपीएस गाइडेड बम, लेजर गाइडेड जेडैम बम, GBU स्माल डायामीटर बम, AGM-154 ज्वाइंट स्टैंडऑफ वेपन, AGM लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल, एयर टू सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइल, लॉन्ग रेंज एंटी शिप मिसाइल, एयर लॉन्च्ड रैपिड रेसपॉन्स वेपन। इनके अलावा B-61 और B-83 परमाणु बम भी इसमें लोड कर सकते हैं।
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इसके अलावा इसके अंदर 3 इंटरनल बम-बे भी हैं। यानी 34 हजार किलोग्राम वजन के बम लगा सकते हैं। इसका रडार सिस्टम इतना तगड़ा है कि, दुश्मन के किसी भी हथियार की जानकारी हासिल कर लेता है और इसमें डिफेंसिव जैमिंग सिस्टम भी है। यानी दुश्मन के इलाके में जाते ही उनके सिस्टम को जाम कर सकता है।
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इस बमवर्षक के तीन वैरिएंट्स हैं. पहला B-1A, B-1B and B-1R. इनके वैरिएंट्स स्ट्रैटेजिक एयर कमांड, एयर कॉम्बैट कमांड और एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड। इन बमवर्षकों से सीरिया में, दमिश्क पर हमले किए गए थे, इसके अलावा लीबिया में भी हमले किए गए थे। इसी बमवर्षक से सद्दाम हुसैन और उसके दो बेटों को मारने का असफल प्रयास भी किया गया था।
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भविष्य में इस बमवर्षक में हाइपरसोनिक मिसाइल AGM-183 ARRW लगाने की योजना बनाई जा रही है। यह मिसाइल 1,600 किलोमीटर की रेंज से हवा से जमीन पर मार करती है और इसकी गति 7,962 किलोमीटर से 9,878 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच होती है। यानी इस B-1B बमवर्षक के साथ इस मिसाइल का कॉम्बीनेशन बेहद ही घातक साबित होगा।
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