Search
Close this search box.

BREAKING NEWS

प्लास्टिक सर्जरी की अफवाहों पर राजकुमार राव ने दिया जवाब.खुले हुए नलकूप/बोरवेल की सूचना देने वाले को मिलेगी 10 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशिरोहित ने छह टीमों से ज्यादा छक्के उड़ाए, पोलार्ड को भी पीछे छोड़ापतंजलि को झटका : योग से कमाए पैसों पर देना होगा टैक्सपुलिस से पंगा लेना मत, नहीं तो यहीं चौराहे पर पटक-पटक कर मारूंगाआज पहले चरण का मतदान,कई दिग्गजों की साख दांव परजम्मू-कश्मीर में एवलांच का रेड अलर्ट, कई इलाको में बर्फबारी से माइनस 10 डिग्री पहुंचा तापमान, UP-बिहार में बारिश ने ठंड बढ़ाईकेजरीवाल के PS के घर ED की रेड, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में AAP के 10 ठिकानों पर पहुंची टीमब्लू साड़ी में श्वेता लगीं काफी स्टनिंग, एक्ट्रेस के कातिलाना अवतार पर 1 लाख से भी ज्यादा यूजर्स ने किया लाइकभारत में 718 Snow Leopard, अकेले लद्दाख में रहते हैं 477 हिम तेंदुए, WII की नई रिपोर्ट जारी

मिस्र में मिली 28 इंच की हैं बुद्ध प्रतिमा, संस्कृत में लिखा शिलालेख खोलेगा भारत से जुड़े कई राज, दूसरी शताब्दी की मूर्ति बता रहे खोजकर्ता

Egypt's Buddha Statue
Egypt's Buddha Statue

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

मिस्र (Egypt) में लाल सागर के पास स्थित बेर्निस के प्राचीन बंदरगाह में महात्मा बुद्ध की एक प्रतिमा की खोज की गई है। बुद्ध की यह प्रतिमा दूसरी शताब्दी की बताई जा रही है और इस महत्वपूर्ण खोज से संकेत मिलता है कि, रोमन साम्राज्य और भारत के बीच व्यापारिक संबंध थे।
Egypt's Buddha Statue
Egypt’s Buddha Statue
71 सेंटीमीटर लंबी प्रतिमा के चारों ओर आभामंडल है और उसके बगल में एक कमल का फूल बना दिख रहा है। मिस्र की पुरावशेष मंत्रालय के एक बयान में कहा कि, “एक पोलिश-अमेरिकी मिशन ने प्रतिमा की खोज की है। बेर्निस में प्राचीन मंदिर में खुदाई के दौरान रोमन काल की प्रतिमा की खोज की गई है।”
समाचार एजेंसी से बात करते हुए मिस्र की सर्वोच्च पुरावशेष परिषद के प्रमुख मुस्तफा अल-वजीरी ने कहा कि, ‘इस खोज से रोमन साम्राज्य के दौरान मिस्र और भारत के बीच व्यापार संबंधों की मौजूदगी के महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं।’ खोजकर्ताओं ने बुद्ध की जो प्रतिमा खोजी है, उसका दाहिना हिस्सा और दाहिना पैर गायब है।
Egypt's Buddha Statue
Egypt’s Buddha Statue
मिस्र के बड़े बंदरगाहों में शामिल था बेर्निस –
वजीरी ने कहा कि, बेर्निस रोमन युग के मिस्र में सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक था। इसी बंदरगाह से भारत और दुनिया के बाकी देशों से मसाले, कीमती पत्थर, कपड़े और हाथी दांत मिस्र आते थे। बंदरगाह पर सामान आने के बाद उसे ऊंटों पर रेगिस्तान के पार नील नदीं तक पहुंचाया जाता था। आयातित सामान को मिस्र के दूसरे सबसे बड़े शहर अलेक्जेंड्रिया और वहां से शेष रोमन साम्राज्य को भेजा जाता था।
मिशन की पोलिश टीम के निदेशक मारियस ग्विआज्दा ने कहा कि, बुद्ध की मूर्ति शायद इस्तांबुल के दक्षिण के एक क्षेत्र से निकाले गए पत्थर से बनाई गई थी या हो सकता है कि, स्थानीय रूप से बेर्निस में ही बनाई गई हो और भारत के अमीर व्यापारियों ने इसे मिस्र के मंदिर को तोहफे के रूप में दिया हो।
MORE NEWS>>>स्टूडेंट की मौत हैं बोर्ड का फेल रिजल्ट, आंध्र प्रदेश में 48 घंटे के भीतर 9 स्‍टूडेंट्स ने की आत्महत्या, मुख्य न्यायाधीश ने व्यक्त की चिंता
संस्कृत में लिखा शिलालेख भी मिला –
पुरातत्वविदों ने इस बात का भी खुलासा किया कि, मंदिर की खुदाई के दौरान उन्हें रोमन सम्राट मार्कस जूलियस फिलिपस (244 से 249) के दौर का एक शिलालेख भी मिला है जो संस्कृत लिपि में लिखा गया है।
अमेरिकी टीम के निदेशक स्टीवन साइडबॉथम ने कहा कि, ‘ऐसा लगता है कि संस्कृत में लिखा यह शिलालेख उस दौर का बना नहीं है जिस दौर की बुद्ध की मूर्ति है। शायद यह बहुत पुराना है क्योंकि मंदिर में खुदाई के दौरान हमें और शिलालेख भी मिले हैं और ये शिलालेख पहली शताब्दी के हैं।’

Leave a Comment