Indore bike taxi protest: अवैध बाइक टैक्सी के खिलाफ ऑटो रिक्शा चालकों का गुस्सा सड़कों पर उतर आया। Indore Auto Rickshaw Chalak Mahasangh के बैनर तले सैकड़ों चालकों ने 1 अक्टूबर की शाम पुलिस मुख्यालय, पलासिया पर प्रदर्शन किया। इसके बाद Police Commissioner Santosh Singh समेत वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।
महासंघ का आरोप है कि शहर में 20 हजार से अधिक बाइक टैक्सी चालक बिना पुलिस वेरिफिकेशन के सवारी ढो रहे हैं। निजी नंबर वाले घरेलू दोपहिया वाहनों का धड़ल्ले से व्यावसायिक इस्तेमाल हो रहा है। दूसरे शहरों और राज्यों के नंबर वाली बाइकें भी Indore में टैक्सी के तौर पर चल रही हैं।
Indore Bike Taxi Protest: चालकों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बाइक टैक्सी कंपनियों के पास परिवहन विभाग की वैध अनुमति नहीं है। दुर्घटना होने पर यात्रियों को किसी तरह का दुर्घटना बीमा लाभ नहीं मिलता। इससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
महासंघ के पदाधिकारियों ने याद दिलाया कि पहले भी तत्कालीन कलेक्टर ने बाइक टैक्सी पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे, लेकिन ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। वर्ष 2024 में उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद भी केवल नाममात्र की कार्रवाई हुई।
महासंघ के शहर अध्यक्ष निलेश सूर्यवंशी, पंकज मालवीय और हरीश पंवार ने बताया कि 2019 से इस मुद्दे पर कई आंदोलन किए जा चुके हैं। इस बार कार टैक्सी चालक भी ऑटो चालकों के समर्थन में उतरे हैं।
गौरतलब है कि इंदौर में बाइक टैक्सी का मुद्दा नया नहीं है। 2019 से ही ऑटो चालक संगठन इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि बिना नियमन के चल रही इन सेवाओं से न केवल उनका रोजगार प्रभावित हो रहा है, बल्कि यात्रियों की जान भी जोखिम में है। पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे चालकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
चालकों की मांग है कि अवैध बाइक टैक्सी संचालन पर तुरंत रोक लगे, सभी चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य हो और निजी वाहनों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई हो।
