भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत पहली खेप की कस्टम ड्यूटी कटौती की अधिसूचना जारी कर दी गई है। India-New Zealand FTA की ये रियायतें 20 अक्टूबर से लागू होंगी। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग ने शुक्रवार देर रात यह अधिसूचना जारी की। इसमें न्यूजीलैंड से आयात होने वाले चुनिंदा उत्पादों के लिए बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) और सेस की नई दरें तय की गई हैं।
मटन पर जीरो ड्यूटी, कीवी पर 15 फीसदी
अधिसूचना के अनुसार न्यूजीलैंड से आने वाले ताजे, फ्रिज्ड और फ्रोज़न मटन (भेड़ का मांस) पर अब कोई बेसिक कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। साथ ही इस पर कृषि अवसंरचना विकास सेस (AIDC) और हेल्थ सेस भी शून्य रहेगा। कीवी फल पर 15 फीसदी BCD लगेगा, बशर्ते उसकी कीमत 2.50 डॉलर प्रति किलो या उससे ज्यादा हो। चुनिंदा मछली उत्पादों पर 25.71 फीसदी BCD रहेगा, जबकि सेस शून्य होगा।
वाइन और मनुका हनी पर भी रियायत
वाइन पर 20 फीसदी BCD तय किया गया है। AIDC की दर कीमत के हिसाब से अलग-अलग होगी — 750 मिली की बोतल अगर 5 से 15 डॉलर के बीच की है तो 75 फीसदी और 15 डॉलर या उससे ज्यादा की है तो 50 फीसदी AIDC लगेगा। 30 डॉलर प्रति किलो या ज्यादा की मनुका हनी पर 51 फीसदी BCD लगेगा। 20 से 30 डॉलर प्रति किलो वाली हनी के लिए सालाना 40 टन का टैरिफ-रेट कोटा (TRQ) तय हुआ है। दूध से बने प्रोटीन (एल्बुमिन) के लिए 200 टन का सालाना कोटा 10 फीसदी की रियायती दर पर मिलेगा।
किन शर्तों पर मिलेंगी रियायतें
ये रियायतें सिर्फ तय उत्पादों और टैरिफ लाइनों पर लागू होंगी, पूरे आयात पर नहीं। आयातकों को न्यूजीलैंड मूल का प्रमाण देना होगा। हर खेप के लिए टैरिफ वर्गीकरण और अधिसूचना की शर्तों का पालन जरूरी होगा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह FTA की पहली खेप है — यानी आने वाले समय में और उत्पादों पर रियायतें बढ़ सकती हैं। समझौते से भारतीय उपभोक्ताओं को विदेशी सामान सस्ता मिलेगा, जबकि कारोबारियों के लिए आयात आसान होगा।
