केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah आज (मंगलवार) पंजाब के दौरे पर हैं। Amit Shah Punjab visit के दौरान वे नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले तीन परिवारों से मुलाकात करेंगे। ये तीनों परिवार मानसा, संगरूर और गुरदासपुर के हैं। इनके अपनों की नशा तस्करों के खिलाफ बोलने के बाद जान गई थी।
तय कार्यक्रम के मुताबिक शाह दोपहर 12 बजे मानसा पहुंचेंगे। वहां वे नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मिलेंगे। इसके बाद दोपहर 1:15 बजे संगरूर के दिरबा में गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात होगी। दोपहर 3:15 बजे गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मिलेंगे। शाम को अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। इसके बाद लुधियाना के दरेसी मैदान में दशहरे के रावण दहन कार्यक्रम में भी वे शामिल होंगे।
तीनों परिवारों की कहानी
मानसा में 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि उन्होंने मेडिकल स्टोर पर नशा बेचने का विरोध किया था। संगरूर में गुलजार सिंह ने सिंथेटिक नशे की खुलेआम उपलब्धता का मुद्दा उठाया था। उन्होंने यह बात पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की मौजूदगी में कही थी। इसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली। गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह की हत्या हुई थी। गुरदासपुर ड्रग विवाद पर हमारी पहले की रिपोर्ट
इन तीनों मौतों के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय हरकत में आया। मंत्रालय ने शुक्रवार को पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। तीन अलग-अलग पत्रों के जरिए मुख्य सचिव से जवाब तलब किया गया था। इसी के दो दिन बाद रविवार को शाह ने खुद एक्स पर पंजाब दौरे का ऐलान किया था।
सियासी घमासान तेज
शाह ने अपने पोस्ट में आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने पंजाब को नशे के दलदल में धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वहीं, झोटा की हत्या के बाद बनी एक्शन कमेटी ने शाह के मानसा दौरे का विरोध करने का ऐलान किया है। हालांकि झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा है कि नेताओं को परिवार से मिलने से नहीं रोका जाना चाहिए। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट
परिवार ने सीबीआई जांच समेत पांच मांगें रखी हैं। मांगें पूरी होने तक पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार किया गया है। उधर, AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जो पार्टी अपने राज्यों में कानून-व्यवस्था नहीं संभाल पा रही, वह पंजाब को नसीहत देने आ रही है।
20 दिन में दूसरा दौरा
यह 20 दिनों में शाह का पंजाब का दूसरा दौरा है। इससे पहले 30 सितंबर को वे जालंधर आए थे। वहां उन्होंने BJP की “नशा मुक्त पंजाब यात्रा” के समापन पर रैली को संबोधित किया था। मार्च में वे मोगा भी गए थे। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले BJP नशे के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही है।
