तिहाड़ जेल से रिहाई के महज 24 घंटे में CJP नेताओं की नई मुश्किल खड़ी हो गई है। (CJP leaders summoned) दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरभ दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों को गुरुवार दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में पेश होने का नोटिस दिया गया है। CJP सदस्य अजिंक्य शिंदे को भी समन भेजा गया है।
द हिंदू के मुताबिक समन बुधवार शाम करीब साढ़े आठ बजे जारी हुआ — रांका और दास की रिहाई के कुछ ही घंटों बाद। समन जंतर-मंतर अतिचार मामले की जांच से जुड़ा है।
CJP leaders summoned: दोनों FIR अब क्राइम ब्रांच के पास
दास और रांका के खिलाफ 13 अक्टूबर को दो FIR दर्ज हुई थीं। पहली FIR कनॉट प्लेस थाने में दर्ज हुई। इसमें BNS के तहत लोकसेवक के आदेश की अवज्ञा, गृह-अतिचार और आपराधिक साजिश की धाराएं हैं। दूसरी FIR पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दर्ज हुई। इसमें लोकसेवकों के कर्तव्य में बाधा और उन पर हमले का आरोप है।
पुलिस के अनुसार 13 अक्टूबर को दास, रांका और शिंदे समेत CJP के 14 सदस्य जंतर-मंतर में घुस गए थे। यह स्थल प्रदर्शन के लिए डीनोटिफाई किया जा चुका है। आरोप है कि वे निजी परिसर से होते हुए बैरिकेड कूदकर अंदर दाखिल हुए। उस दिन उनका मकसद तिरंगा फहराना था। वे CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी रख रहे थे। यह मांग चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर थी।
दोनों मामलों को इसी हफ्ते क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। पुलिस ने संवेदनशील प्रकृति का हवाला दिया है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार समन जदयू की शिकायत पर दर्ज अतिचार मामले में जारी हुआ है। जदयू का कार्यालय प्रदर्शन स्थल से सटा है।
रिहाई लिखित वचन पर हुई थी
13 अक्टूबर को हिरासत में लिए गए दोनों नेताओं को अगले दिन पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। बाद में हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई। बुधवार को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट ACP रितु राज ने रिहाई का आदेश दिया।
रिहाई से पहले दास और रांका ने लिखित वचन दिया था। उन्होंने कहा था कि वे शांति बनाए रखेंगे। यह भी कहा कि डीनोटिफाइड रहने तक वहां विरोध का आह्वान नहीं करेंगे। दोनों को 50-50 हजार के मुचलके भरने पड़े। पुलिस ने हिरासत में तीन दिन की बढ़ोतरी मांगी थी। मजिस्ट्रेट ने इससे इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट में सुनवाई, नेताओं की प्रतिक्रियाएं
गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने के खिलाफ उनकी याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दे दी। वहीं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर दोपहर ढाई बजे सुनवाई होनी है। यह याचिका शांति-बांड नोटिस के खिलाफ है।
इस बीच राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि देश को अराजक सोच वालों के हाथों में नहीं जाने दिया जा सकता। भाजपा नेता प्रकाश रेड्डी ने दोनों के खुद को नेता बताने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ सोशल मीडिया पर है, पंजीकृत मंच नहीं है।
